YRKKH 20th October Written Update 
YRKKH 20th October Written Update

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Yeh Rishta Kya Kahlata Hai Watch On Hotstar

YRKKH 20th October Written Update  ये रिश्ता क्या कहलाता है के आज के एपिसोड में आप सभी देखेंगे कि आरोही सारे परिवार वालों से पूछती है कि क्या अक्षु मेरी सौतेली बहन है जिसे सुनकर सभी लोग चौक जाते हैं तभी गायु आरोही को अपने साथ लेकर जाती है और उससे कहती है चलो मैं तुम्हें समझाती हूं ऐसी कोई बात नहीं है सुहासिनी भी कहती है गायु से कि हां बेटा आरोही को लेकर अंदर जाओ और उसके बाद सुहासिनी सीरत से पूछती हैं क्या हुआ बेटा ये सब कैसे तभी वहीं खड़ी सीरत फूट-फूटकर होती है और कहती है पता नहीं दादी ये सब कैसे हो गया जिस बात का डर था

आखिरकार वही हुआ तभी मनीष कहते हैं मगर तुम तो बताना चाहती थी वैसे भी तभी सिरत कहती है हां पापा मैं बताना चाहती थी उसे पर मैं ऐसे नहीं बताती उससे बात करती उसे समझाती पर उस शीला ने तो तभी मनीष गुस्से में कहते हैं इतने साल हो गए लेकिन ना तो उस औरत ने मेरा पीछा छोड़ा है और वो हमारे परिवार का तो बेचारी बच्ची कब से अकेले बैठकर सोच रही होगी किसी से बात भी नहीं किया तभी स्वर्णा कहती है मनीष उसने मुझे से बात करने की कोशिश की थी

लेकिन मैं इतनी बिजी थी कि उससे बात ही नहीं कर पाई तभी सुहासिनी भी कहती है अरे हां हमको भी तो कहा था उसने कि कुछ बात करनी है लेकिन हमारे पूजा का समय था तो हम भी बात नहीं कर पाए तभी मनीष कहते हैं बेचारी अक्षु क्या क्या बीती होगी उस पर क्या-क्या सवाल आए होंगे उसके बाद मन में तभी अखिलेश कहते हैं नहीं भाई साहब उसने आरोही को बताया होगा पक्का असर तो उसके दिल पर भी हुआ होगा तभी सुहासिनी कहती है मतलब अब सिर्फ अक्षु को नहीं आरोही को भी संभालना होगा सीरत रोती है और कहती है

मैं क्या करूं दादी कैसे बात करूं अपनी बेटी से और अब तो वो मुझ पर विश्वास भी नहीं करेगी तभी स्वर्णा कहती है नहीं सीरत बताना तो तुम्हें पड़ेगा और उसे विश्वास भी दिलाना पड़ेगा सिरत कहती है मुझ में हिम्मत नहीं है तभी स्वर्णा कहती है तो फिर हिम्मत जुटा हो क्योंकि एक मां को अपने बच्चे के लिए हिम्मत जुटानी पड़ती है मैं मानती हूं कि अक्षु को इस तरह से ये बात पता नहीं चलनी चाहिए जिस तरह से उसे यह बात पता चली है वो गलत है लेकिन अब तुम्हें इस गलत को सही करना होगा तूम्हे उसे संभालना होगा

सुरेखा भी कहती है हां सीरत हम लोग आरोही को संभालेंगे तुम जाकर अक्षु को संभालो प्लीज स्वर्णा कहती हैं इस वक्त उसके मन में बहुत सारे सवाल है जिसके जवाब में आज सिर्फ तुम्हारे पास है तभी सिरत कहती है आप बिल्कुल सही कह रही है माँ अक्षु मेरी बेटी है मैं उसकी मां हूं भले ही मैंने उसे जन्म नहीं दिया है लेकिन उसकी परवरिश मैंने की है वही अक्षरा अकेले में बैठे होती है और कहती है जब सीरत मम्मा मेरी असली मां नहीं है तो फिर आज तक उन्होंने मुझसे झूठ क्यों बोला उन्होंने इतनी बड़ी सच्चाई मुझसे क्यों छुपाई

और अगर सीरत मामा मेरी असली मां नहीं है तो फिर मेरी असली मां कौन है तभी वहां पर सिरत नायरा की तस्वीर लेकर अक्षु के सामने जाती है और कहती है ये तुम्हारी असली मां और उसके बाद सीरत अक्षु को उसके अतीत के बारे में बताती है लेकिन अब तू कहती है पर यह तस्वीर तो बिल्कुल आप की तरह है तभी सीरत कहती है तस्वीर भले ही एक है लेकिन इंसान अलग है चेहरे एक होने से इंसान एक नहीं हो जाता तुम्हारी असली मां नायरा जी हैं अक्षरा को कुछ भी समझ में नहीं आता तभी अक्षरा कहती है कि

तो वह कहां है और कभी हम सब से मिलने क्यों नहीं आई और हम सभी उनसे मिलने क्यों नहीं गए तभी सीरत अक्षरा को बताती है कि तुम्हारी मां अब एक तारा बन चुकी है जो सबसे चमकने वाला तारा है वही तुम्हारी मां है जिसे सुनकर अक्षु फूट-फूटकर होती है और सीरत उसे संभालती है वही सारे परिवार मिलकर आरोही को भी सीरत और नायरा के बारे में बता दे आरोही पूछती है कि इसका मतलब सीरत मम्मा सिर्फ मेरी मम्मा है तू पापा पापा तो एक ही है ना हम दोनों की तभी अखिलेश कहते हैं हां

तुम्हारे पापा एक ही है और अब मम्मा भी तुम्हारी एक ही है तुम्हारी कायरव और अक्षरा की मम्मा सीरत मम्मा ही है तभी आरोही कहती है मुझे अक्षरा के बारे में सोच कर बहुत बुरा लग रहा है उसे कितना बैड फील हो रहा होगा ना। वही अक्षू सीरत से नायरा के बारे में सब कुछ बताने के लिए कहती है। तभी सीरत अक्षरों से कहती है कि नायरा जी के बारे में जितना कहा जाए उतना कम है वो इस दुनिया की सबसे अच्छी बेटी बहू और सबसे अच्छी मां है जो अपने बच्चों से बहुत ज्यादा प्यार करती थी मैं उनकी तरह चाह कर भी नहीं बन सकती। जिसे सुनकर नायरा रोती है

इधर अक्षु के बारे में सोचकर आरोही कहती है मैं अक्षु के पास जा रही हूं वो बहुत परेशान होगी ना तो मैं उसे संभाल लूंगी तभी स्वर्णा कहती है हां जाओ अपनी बहन का अच्छी तरीके से ध्यान रखना। वही सीरत अक्षु को समझाती है कि कोई भी रिश्ता एक तरफ से सौतेला नहीं होता अगर तुम सौतेली बेटी बनी तो मैं भी तो सौतेली मां कहलाऊंगी ना और वो मुझे मंजूर नहीं है मैंने तुम्हें सोतेला कभी समझा है और ना ही कभी समझुंगी हम सिर्फ मां बेटी है और वही रहेंगे कभी भी हम अपने रिश्ते में सौतेले और अपने के बीच हम कभी फर्क नहीं होने देंगे

हां ये सच है कि मैं तुम्हारी माँ की तरह नहीं बन सकती लेकिन हां मेरी परवरिश मेरे प्यार में कभी तुम्हें कोई कमी महसूस नहीं होने दूंगी मैं मेरा प्यार मेरे तीनों बच्चों के लिए हमेशा बराबर रहेगा ना किसी को कम और ना किसी को ज्यादा तुमने और कायरव ने बिना किसी शर्त के मुझे अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाया लेकिन मेरी तो जिंदगी ही तुम दोनों बन गए थे और जिंदगी कहां सोतेली होती है तुम मुझे आज के बाद अपनी मां मानो या ना मानो लेकिन तुम मेरे लिए हमेशा मेरी बेटी रहेगी मेरी बड़ी बेटी मेरी सबसे प्यारी बेटी

और इतना कहकर वहां से सीरत जाने लगती है लेकिन अक्षु सीरत का हाथ पकड़ लेती है और कहती है मम्मा तभी सीरत बहुत ज्यादा खुश होती है और अक्षरा से कहती है कि तुम मेरी सबसे अच्छी बेटी हो जिसे सुनकर आरोही को बुरा लगता है और आरोही अपने मन में कहती है मैं हमेशा से अपने मम्मी पापा की फेवरेट बेटी बनना चाहती हूं और मैं अपने मम्मी पापा को कभी शेयर नहीं कर सकती और उसके बाद सीरत आरोही और अक्षु को राम और लक्ष्मण दोनों भाइयों की कहानी सुनाती है उसी तरह से सीरत और अक्षरा को भी हमेशा साथ रहने को बोलती है

और हमेशा एक दूसरे का साथ देने को बोलती है और उसके बाद सीरत उन दोनों को नायरा के लोरी सुनाती है और उन दोनों को सुलाती है अगले दिन सुहासिनी सीरत से कहती है यह तुम्हारी ही परवरिश है कि अक्षु ने इतनी बड़ी सच्चाई को इतने अच्छे से स्वीकार कर लिया। सीरत कहती है कि हां दादी अक्षु में नायरा के गुण हैं इसलिए वो इतनी समझदार है तभी मनीष वहां पर आते हैं और एक बार फिर से शीला को लेकर सीरत को ताना मारते हैं वही अच्छी और आरोही मनीष की बातों को सुन लेती है

मनीष कहते हैं कि खून एक ना एक दिन अपना रंग जरूर दिखाएगा तभी आरोही गुस्से में मनीष से कहती है बड़े पापा आप किस तरह से मेरी मम्मा से बात कर रहे हैं जिसे सुनकर सभी लोग चौक जाते हैं और आज के एपिसोड कादियान वहीं पर हो जाता है वही कल के एपिसोड में आप सभी को देखने को मिलने वाला है की अक्षरा सीरत के साथ सोई रहती है तभी सीरत को अक्षरा के साथ देख कर आरोही अपने मन में कहती है मैं अपनी मम्मा को किसी और के साथ शेयर नहीं कर सकती मेरी मम्मा सिर्फ और सिर्फ मेरी है तो ये सब होगा कल के आने वाले एपिसोड में

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