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YRKKH 2 October Written Update

YRKKH 2 October Written Update | Yeh Rishta Kya Kahlata Hai 2 October written update | Yeh Rishta Kya Kahlata Hai 2th October 2021 full episode written update

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Yeh Rishta Kya Kahlata Hai Watch On Hotstar

YRKKH 2 October Written Update  ये रिश्ता क्या कहलाता है के आज के एपिसोड में आप सभी देखेंगे कार्तिक कमरे में आता है और सीरत के लिए ब्रेकफास्ट लेकर आता है और फिर से कहता है ये रहा तुम्हारा ब्रेकफास्ट और आज का पेपर तभी सीरत कार्तिक से पूछती है कि आप नाराज हो कभी कार्तिक कहता है वह थोड़ा नाराज हो पर ठीक है तुम्हारी लाइफ है तुम्हारी मर्जी है और उसके बाद कार्तिक सीरत को बैठता है और उससे कहता है आई एम सॉरी मैंने तुम्हें बॉक्सिंग के लिए फोर्स किया मुझे ऐसा हरगिज़ नहीं करना चाहिए था तुम्हारा जो दिल चाहता है

बस वही करो तुम और उसके बाद कार्तिक का फोन बजता है कार्तिक फोन रिसीव करने के लिए बाहर जाता है और फिर सीरत न्यूज़पेपर में एशियन बॉक्सिंग चैंपियन की न्यूज़ देखती है वही कार्तिक गायु को बताता है कि न्यूज़ पर नजर तो पढ़ चुकी है सूरत की बस असर होने वाला है तुम अपने अगले प्लेन के लिए रेडी रहना ऑल द बेस्ट और फिर गायु अपना दूसरा प्लान शुरू करती है और गायु सिरत को उसका स्पोर्ट्स बाला जूता दिखाती है सीरत वो जूता देखकर अपनी पुरानी बातें याद करती है

और गायू से कहती है नहीं दीदी ये जूता आप मुझे दे दीजिए मैं इसे अपने कमरे में रखवा दूंगी तभी गायों कहती है पर क्या करोगी कमरे में रखवा के पड़े पड़े तो सर ही जाएंगे ना तभी सिरत कहती नहीं बस ऐसे ही मुझे रखना था गायु बेड पर रख कर चली जाती है और उसके बाद सीरत की नजर मैगजीन पड़ जाती है जिस पर फ्रंट पेज में उसका फोटो छपा रहता है तभी एक बार फिर से सिरत को अपनी बॉक्सिंग की याद आने लगती है

वही कार्तिक भी सीरत को देख रहा होता तभी कार्तिक अपने मन में कहता है कि तुम सब से छुपा सकती हो सीरत लेकिन मुझ से नहीं और मैं भी तुम्हारा सपना तुम्हें याद करवा कर ही रहूंगा और उसके बाद कार्तिक कायरव और वंश को भी अपना प्लान में शामिल करता है और उन्हें भी कहता है कि तुम्हें सिर्फ को बॉक्सिंग दोबारा खेलने के लिए मनाना होगा कार्तिक के कहने पर वंश और कायरव दोनों उसके टीम में शामिल हो जाते हैं वहीं मनीष कहते हैं कि चलो अच्छा है मुझे तो भरोसा नहीं था लेकिन दिल को खुशी हुई

कि सिरत बॉक्सिंग के लिए ना कह दिया ये उसका अच्छा फैसला है अभी अक्षु और आरोही बहुत छोटे हैं मां की जरूरत है उन्हें एक बार थोड़ी सी बड़ी हो जाएंगी फिर उसके बाद वह घर के बाहर जाए बॉक्सिंग कर सकती है किसी को भी कोई एतराज नहीं होगा लेकिन फिलहाल बच्चियों की उन्हें जरूरत है तभी स्वर्णा कहती है जरूरत तो कार्तिक की भी उतनी ही है लेकिन उसके ऑफिस जाने से ना किसी को प्रॉब्लम है और ना ही ऑब्जेक्शन कमाल की बात है ना मनीष जब एक बच्चा मां के पेट के अंदर होता है

तब भी जिम्मेदारी उसी की और जब बाहर आता है तब भी उसी की एक मां के लिए उसकी पूरी जिंदगी बदल जाती है पर पापा से कोई अपना टाइम टेबल बदलने की उम्मीद नहीं करता और उसके बाद सुरेखा गायों से पूछती है कि कायर अब और वंश को अपने दोस्तों को घर बुलाने का आईडिया कैसे आया तभी गायों कहती है चाची यह आइडिया मैंने ही दिया क्योंकि कब से दोनों बोल रहे थे कि हमें बाहर घुमाने ले चलो लेकिन हम लोगों को टाइम ही नहीं मिल पा रहा था

इसीलिए हमने उसके दोस्तों को ही घर बुला रही है तभी स्वर्णा कहती है ये बहुत अच्छा किया तुमने गायु तभी कायरव और उसके सारे दोस्त घर आ जाते हैं और उसके बाद कारण अपने दोस्तों को अपनी छोटी सिस्टर से मिलाता है तभी कायरव का एक दोस्त उसे कहता है कि ये भी तेरी सिरत मम्मा के जैसी बॉक्सिंग चैंपियन बनेगी स्वर्णा कहती है अभी कुछ कह नहीं सकते बेटा इसका जो मन करेगा यह वह बनेगी तभी एक बच्चा सीरत से कहता है आंटी आपको तो बहुत सारे मेडल भी मिले होंगे ना क्या मैं उन्हें देख सकता हूं

कायरव कहता है हां मेरी मम्मा को बहुत सारे मेडल मिले हैं आओ मैं तुम्हें दिखाता हूं तभी एक लड़की बताती है कि मैं भी आपकी तरह बॉक्सिंग चैंपियन बनना चाहती हूं लेकिन मेरे पापा कहते हैं कि ये बॉक्सिंग लड़कों के लिए लड़कियों की नहीं तभी सीरत उसे समझाती है कि ऐसा कुछ नहीं है लड़की चाहे तो कुछ भी कर सकती है और उसके बाद कायरव सिरत का सारा ट्रॉफी लेकर आता है और सभी दोस्तों के सामने सीरत की बहुत ज्यादा तारीफ करता है तभी सिरत कहती है

कि ये कुछ ज्यादा नहीं हो रहा कायरव आप अपनी मम्मा की झूठी तारीफ कर रहे हो तभी कारक और वंश कहते नहीं मैं बिल्कुल सही कह रहा हूं और आपके पंच से तो सरपंच भी डरता है तभी कार्तिक ये सब देख कर अपने मन में कहता है कि प्लान काम कर रहा है बस एक दाव खेलना बाकी है और उसके बाद कायरव सीरत को उसका बॉक्सिंग ग्लव्स देता है और सभी लोग फोर्स करने लगते हैं कि एक बार पंच मार के दिखाओ सीरत सब के कहने पर पंच मार दी और उसे सारी बातें याद आने लगती है और फिर सीरत बॉक्सिंग करने लगती है

तभी अचानक से उसे कुछ याद आता है और फिर सिरत भाग कर अपने कमरे में आती है और कहती है जब एक फैसला ले लिया है तो उस पर तेरे पैर क्यों नहीं ठीक है जब तू ने यह फैसला लिया है कि अभी तू सिर्फ और सिर्फ अपने बच्चों पर ध्यान देगी तो क्यों भटक रहा है तेरा मन नहीं भटकना चाहिए ना सबसे पहले तुझे एक अच्छी मां बनना है अभी बॉक्सर बाद में बनना तभी कार्तिक सीरत से कहता है अगर तुम दोनों एक साथ बन जाओ तो और किसने कहा तुमसे कि एक अच्छी मां वही होती है

जो खुद पर बिल्कुल भी ध्यान ना दें अपने आप को भूल जाए किसने कह दिया तुमसे की एक अच्छी माता भी बन पाओगे जब अपने बच्चों पर पूरा ध्यान दो और बॉक्सिंग से बिल्कुल ध्यान हटा दो और किसने कह दिया तुमसे कि तुम एक चैंपियन मां और चैंपियन बॉक्सर एक साथ नहीं बन सकती हो तभी सीरत कहती है ऐसा मुझे लगता है कार्तिक क्योंकि मेरी बच्ची अभी बहुत छोटी है तभी कार्तिक कहता है मैं जानता हूं लेकिन हम सब है ना उसका ख्याल रखने के लिए उसके पापा उसकी पूरी फैमिली है

और तुम कौन सा हफ्ते महीने के लिए दूर जा रही हो बस हर दिन कुछ घंटे उतना वक्त लगेगा तुम्हें प्रेक्टिस करने के लिए और फिर तुम आ जाओगी अपनी बेटियों के पास अपनी बेटियों को अपनी ए स्ट्रेंथ बनाओ अपनी कमजोरी मत बनाओ सीरत कार्तिक की बात से सीरत भी मान जाती है और वह भी कहती है कि आप उस फॉर्म का प्रिंट आउट दोबारा निकाल सकते मुझे फॉर्म फिल करना है तभी कार्तिक कहता है मैंने सुना नहीं जरा फिर से कहना तभी तीरथ कहती है मैं इस साइट में हिस्सा लूंगी कार्तिक

कार्तिक खुश होता है और कहता है ये हुई ना बात तभी तीरथ कहती है वो सब तो ठीक है कार्तिक लेकिन मुझे पापा और दादी की चिंता हो रही है वो कभी नहीं मानेगी तभी कार्तिक कहता है तुम ये सब की चिंता मत करो तुम बस अपने बॉक्सिंग पर ध्यान दो बाकी हम दोनों मिलकर देख लेंगे। वही अगले दिन सीरत अपनी प्रैक्टिस के लिए निकलती है तभी दादी का आशीर्वाद लेती है सिरत कहती है दिल जीतने का आशीर्वाद नहीं देंगे दादी तभी दादी कहती है जीत में तो जीत ही गई हो मैच भी जीत जाओगी

मनीष भी कहते हैं अच्छा तो कल जो कुछ भी हुआ वह ड्रामा है और कल का रिजल्ट आज है तभी सुरेखा कहती है तुम फोन पर भी अवेलेबल होगी कि नहीं अगर बच्चों के लिए कुछ पूछना होगा तो तभी स्वर्णा और गायु कहती है सीरत तुम बच्चों की चिंता मत करो बच्चे हम संभाल लेंगे कार्तिक कहते चलो मैं तुम्हें क्लब छोड़ देता हूं और आज के एपिसोड का दी एंड वहीं पर हो जाता है

वहीं सोमवार के एपिसोड में आप सभी देखेंगे की सीरत बॉक्सिंग क्लब में अपनी तैयारी कर रही होती है तभी अचानक उसे अपनी बच्चियों की याद आती है और वह घर फोन करती लेकिन घर में कोई फोन रिसीव नहीं करता है तभी सीरत कहती है मुझे घर जाकर देखना होगा जैसे ही सीरत घर आती है देखती है कि आरोही का झूला नीचे गिरा रहता है जिसे देखकर सिरत बहुत डर जाती है तो ये सब होगा सोमवार के आने वाले एपिसोड

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