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Pandya Store 6th October 2021 written update

Pandya Store 6th October 2021 written update | Pandya Store 6th October 2021 full episode today written update

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Pandya Store watch full episode on Hotstar

Pandya Store 6th October 2021 written update पंड्या स्टोर के आज के एपिसोड में आप सभी देखेंगे कि रिशिता सिवा और रावि दोनों को पलंग के नीचे देखती है तभी उन दोनों से पूछती है कि तुम दोनों किसके साथ लुकाछिपी खेल रहे हो तभी शिवा और रावि रिशिता को चुप होने के लिए कहते हैं शिवा कहता है रिशिता भाभी आपको देव की कसम प्लीज घर में किसी को कुछ मत बताना नहीं तो सभी लोग हमें देख लेंगे और हमारा मजाक बनाएंगे तभी रिशिता कहती है कसम वसम हुआ सभी भषम यहां सभी लोग मेरे पापा को दोषी ठहरा रहे कि रावि को मेरे पापा ने गायब करवाया है

और तुम दोनों यहां बेड के नीचे छुपकर रोमांस कर रहे हो तुम दोनों बाहर आ रहे हो कि मैं झाड़ू लेकर आओ जल्दी से बताओ शिवा कहता है प्लीज चुप हो जाइए ना भाभी तभी इतने में सभी लोग शिवा के कमरे में आ जाते हैं रिश्ता कहती है अब तो छूटने का कोई गुंजाइश ही नहीं है और सभी लोग नीचे झुक कर देखते हैं तो शिवा और रावि पलंग के नीचे रहते हैं गौतम और धारा उन दोनों को बाहर आने के लिए कहते हैं तभी उन दोनों के कहने पर सिवा और रावि दोनों पलंग के नीचे से बाहर आते हैं

तभी रिशिता कृष से कहती है। तुम ना आगे से मेरे पापा का नाम अपनी जबान पर मत ही लेना और अगर लेना तो इज्जत से लेना और फिर रिसिता सिवा और रवि से कहती है तुम दोनों लैला मजनू की तरह पुस्तक से एक दूसरे से मिलते रहते हो और सबके सामने झगड़ा करते हो तुम दोनों कोर्ट भी गए थे या डेट पर चले गए थे यार सॉर्ट आउट कर लो ना जो भी प्रॉब्लम है तुम दोनों के बीच में पूरे घर को परेशान करके रखा है इतना कहकर रिसिता वहां से चली जाती है देव रिशिता को कुछ बोलने की कोशिश करता है

तभी धरा कहती है बस कर देव इस बार रिशिता गलत नहीं है बिल्कुल सही कह रही है इस बार उसका गुस्सा जायज है बिना कुछ जाने किसी भी कंक्लुजन आ जाना किसी को भी हर्ट कर सकता है ना देव और इस घर में हवाएं भी उड़ती है तो सभी लोग जनार्दन जी का नाम लेने लग जाते हैं ये तो गलत बात है ना और फिर धरा कृष को भी डाल दी है उससे कहती है कि अगर तुम्हें कुछ नहीं पता रहता तो बीच में मत बोला कर और घर आ शिवा और रवि से कहती है तुम दोनों का मैं क्या करूं मुझे खुद समझ नहीं आता

तभी रावी कहती है धरा दी ये अंदर कमरे में सोने की जिद कर रहा था तभी कृष की नींद खुल गई और हम लोग हड़बड़ा गए इसीलिए कमरे में आ गए और कोई बात नहीं है शिवा भी हड़बड़ा जाता है और वो कमरे से बाहर निकलने की कोशिश करता है लेकिन कृष शिवा को पकड़ लेता है और उससे कहता है कि अच्छा तो तू ही था जो भाभी को काले साए की तरह उठाकर लेकर जा रहा था अगर पहले बता दिया होता तो हम ये कांड से बच जाते ना शिवा कृष को डांटता है और वहां से चला जाता है

तभी धरा सीवा के पास जाती है और उससे कहती है कि जब किसी की चाहत मन से खत्म ना हो तो उसे जबरदस्ती कुचलने का क्या फायदा एक तरफ से तो उसे डिवोर्स दे रहा है और दूसरी तरफ उसकी फिक्र करने से खुद को रोक भी नहीं पाता शिवा कहता है वो क्या है ना भाभी की रावि अजीब तरीके से सो रही थी ना तो मैंने सोचा कि मैं उसे उठा लूंगा और कमरे में सो जाए तभी धरा कहती है बंद करेगा अपनी ये बकवास कब तक खुद से झूठ बोले कहां शिवा अगर तेरे दिल में रावि है तो एक्सेप्ट कर

और जो अनहोनी तुम दोनों करने जा रहे हो ना उसे रोक लो अगर अभी भी तुम्हारे माथे में कुछ बचा रहा तो मेरी बात पर ध्यान दो और एक बार सोचो और इतना कहकर धरा वहां से चली जाती है वही रिश्ता बहुत ज्यादा गुस्से में होती है और कहती है कितना अजीब सा परिवार है एक चूहा भी इस घर में मर जाए ना तो उसका जिम्मेदार मेरे पापा को भी फहराएंगे यह लोग तभी देव कमरे में आता है रिसिता पिल्लु फेंक के देव को मारती है तभी देव कहता है सॉरी रिश्ता मुझे कुछ वक्त ही नहीं मिला कुछ सोचने का तभी रिश्ता कहती है

नहीं नहीं तुम्हें वक्त कैसे नहीं मिला कुछ भी हो जाए तुम लोग मेरे पापा का ही नाम ले लो इस घर में कोई भी प्रॉब्लम हो छोटी से छोटी कुछ भी उसके जिम्मेदार तो मेरे पापा ही होते हैं हैं ना और उसके बाद देवरी सीता को बाम लगाता है लेकिन रिश्ता देर से कहती है रहने दो पहले गलती करते हो फिर बम लगाते मैं खुद से लगा लूंगी तभी हृषिता की बात सुनकर देव कहते हैं सॉरी रिश्ता अब आगे से नहीं करूंगा वही शिवा आंगन में बैठा होता है और कपड़े सीखते हुए देखता है और उसके बाद देव के कपड़े देखकर सिवारा वी के दोस्तों की बातें याद करता है

और अपने आप को आए हैं मैं देखता है तभी रिश्ता देख लेती है और कहती है अरे यह तो देव के कपड़े पर उसके बाद वहां से चली जाती है वह अगले सुबह सभी लोग कलश स्थापना की तैयारी कर रही होती है तभी धरा भरी थाली उठाती है लेकिन धरा को भारी थाली उठाने से सुमन मना करती है तभी कृष कहता है भाभी आप रहने दो मैं कर लूंगा और उसके बाद सुमन धरा के लिए प्रार्थना करती है धरा देवी मां के सामने प्रणाम करती है और सिंदूर से अपनी मांग भरते हैं और रिशिता को भी ऐसा करने को कहती है रिशिता भी अपनी मांग करती है

वहीं रावि खड़ी रहती है तभी रावि को देखकर धरा कहती है अब क्या तुझे इनविटेशन कार्ड देना पड़ेगा तब तू आएगी तुझे कहना पड़ेगा कि रावि जी आइए और आशीर्वाद लेकर अपनी मांग भरिए तभी सुमन कहती है मारकुंडी गाय को सिंदूर नहीं देना है तो कोई जरूरत नहीं है कभी इधर आ कहती है मां पर यह तो जरूरी है ना तभी सुमन कहती है पर इसका तालाब तो होने वाला है ना तो क्या जरूरत है ये सब नौटंकी की धरा कहती है तलाक होने वाला है मां पर तलाक हुआ नहीं है तो इस हिसाब से तो सिंदूर लगाना जरूरी है ना लेकिन रिशिता कहती है

पर इसका फैसला करने वाली आप या मां कौन होती है अगर रिश्ता रावि को निभाना है तो उसे ही डिसाइड कर लेने दीजिए ना कि उसे क्या करना है धरा कहती है तो तू ही बता दे रहा भी कि तू क्या चाहती है रिशिता कहती है हार अभी बोल क्या तुम्हें कागज के इन बचे हुए रिश्ते के लिए देवी मां के सामने से सिंदूर लेना है या फिर उस रिश्ते के लिए जिसे तुम दोनों तोड़ चुके हैं सिंदूर नहीं लेना है मुझे तो कुछ समझ में नहीं आता है कभी-कभी तो तुम दोनों सबके सामने लड़ने लगते हो कभी तुम दोनों बैठ के सामने छुप-छुपकर मिलते हो मुझे तो कुछ समझ में नहीं आता

वही कल्याणी जनार्दन के लिए गर्म पानी लेकर आती है और उसे गर्म पानी में पैर डालने को कहती है तभी जनार्दन को गौतम के थप्पड़ मारने की बात याद आती है और जनार्दन गुस्से में आग बबूला हो जाता है और पानी फेंककर कल्याणी से कहता है कि चले जाओ यहां से तभी वहां पर काम ही नहीं आती है और जनार्दन से कहती है अब इसे डांटने से क्या फायदा तुम्हारी बेज्जती उस पंड्या परिवार ने की है तो तुम्हें उसे सबक सिखाना चाहिए तभी जनार्दन कहता है

वो तो मैं सिखाऊंगा लेकिन मोटी बहन मुझे लगता है कि कहीं ना कहीं इन सब के पीछे आपका हाथ है
तभी काम ही नहीं कहती है यह तुम कैसी बातें कर रहे हो तुम बोल रहे हो कि रिश्ता की वजह से तुम आज सही सलामत घर वापस आ गए नहीं तो तुम्हें नहीं पता कि क्या हो जाता है और मैं जो भी कर रही हूं अपनी बेटी को घर वापस लाने के लिए कर रही वहीं दूसरी ओर रावी देवी मां के सामने प्रार्थना करती है और कहती है मुझे नहीं पता कि मेरे रिश्ते का क्या होगा लेकिन अभी भी हमारा रिश्ता जीवित है

पर मुझे नहीं पता कि मुझे आगे क्या मिलेगा लेकिन मैं देवी मां से आशीर्वाद तो ले ही सकती हूं और उसके बाद धरा कहती है अब आशीर्वाद दे दिया है तो सिंदूर भी लगा ले रावि सिंदूर भी लगा देती है सभी लोग खुश हो जाते हैं तभी देव कहते हैं ऐसा थोड़ी है कि हमारी पत्नियां हमारे लिए सब कुछ करें हम भी तो अपनी पत्नियों के लिए कुछ कर सकते हैं और उस का साथ पाने के लिए तेरी मां से प्रार्थना कर सकते हैं तभी गौतम कहते हैं

बिल्कुल सही कहा तुमने देव और गौतम और देव दोनों अपने माथे पर भी सिंदूर लगाते हैं और शिवा को भी लगाने को कहते हैं शिवा सोचने लगता है और आज के एपिसोड का दी एंड वहीं पर हो जाता है वही कल के एपिसोड में आप सभी देखेंगे कि सुमन शिवा की सगाई करने के लिए लड़की बुला लेती है लेकिन धरा कहती है कि मैं मैं ये सगाई नहीं होने दूंगी तभी सुमन कहती है कि मैं भी देखती हूं कि कौन रोकता है ये सगाई तो ये सब होगा कल के आने वाले एपिसोड में

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