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Imlie 8th October 2021 written update

Imlie 8th October 2021 written update | Imlie 8 October 2021 full episode today written update

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Imlie 8th October 2021 written update सीरियल इमली के आज के एपिसोड में आप सभी देखेंगे कि डॉ मालिनी से कहते हैं कि आप इतनी लापरवाह कैसे हो सकती है मालिनी मैंने आपसे कहा था ना कि आपको अस्थमा है और क्या आपको अब अभी आपके लांग्स की स्थिति मालूम है आप इतनी लापरवाह कैसे हो सकती है तभी मालिनी कहती है मुझे कुछ याद नहीं है डॉक्टर तभी आदित्य भी कहते हैं हमारी डॉक्टर सही कह रहे हैं कि आप इतनी लापरवाह कैसे हो सकती है और उसके बाद डॉक्टर मालिनी से कहते हैं

चलो हम अभी तुम्हारे लॉन्गस का चेकअप करते हैं तभी मालिनी अपने मन में कहती है कि हम इस वक्त आदित्य और इमली को अकेले छोड़कर नहीं जा सकते और माध्यमिक डॉक्टर से कहती है कि मैं बिल्कुल ठीक हूं और मैं कल आपसे आपके क्लीनिक में ही आकर मिल लूंगी और इमली को देखकर मालिनी कहती है तुमने खामखा डॉक्टर को यहां पर बुला लिया जबकि मैंने कहा था कि मैं ठीक हूं तभी इमली अपने मन में सोचती है कि

अब मेरा शक यकीन में बदल गया है कि मालिनी दीदी को अपने आने वाले बच्चे की परवाह बिल्कुल भी नहीं है क्योंकि इस हालत में भी मालिनी दीदी अपनी चेकअप के लिए जाने को तैयार नहीं है तभी आदित्य मालिनी से कहता है कि इमली ने डॉक्टर को बुलाकर बिल्कुल सही काम किया है चलिए मैं चलता हूं आपके साथ जैसे ही आदित्य इतना बोलते हैं मालिनी अंदर ही अंदर खुश होती है और कहती है इसका मतलब ये है कि आदित्य हमारे साथ चल रहे हैं तब ठीक है और फिर मालिनी कहती है

ठीक है चलिए और जैसे ही आदित्य मालिनी के साथ जाने ही वाला होता है कि उधर से रुपी आ जाती है और आदित्य से कहती है आदित्य तुम बैठो मैं मालिनी के साथ जा रही हूं तभी आदित्य कहता है नहीं रूपी दीदी आप रहने दीजिए मैं चला जाता हूं रूपी कहती है प्रेगनेंसी के बारे में तुम्हें ज्यादा मालूम है या मुझे मुझे मालूम है ना तो मुझे जाने दो तुम यहीं पर रुको और जबरदस्ती रूपी मालिनी को लेकर वहां से चली जाती है।

और फिर आदित्य और इमली वहीं पर खड़े रहते हैं तभी आदित्य इमली को देखकर सुंदर की बातों को याद करता है कि सुंदर ने उसे कहा था कि अपने दिल की बात इमली से कहने के लिए और उसे मनाने के लिए पुरानी बातों को बिल्कुल भी नहीं निकालना है और शुरुआत सबसे पहले किसी जोक्स या अच्छी बात से करना है और फिर आदित्य को देखता है और उससे कहता है कि आज तुम बहुत ही अच्छी लग रही हो लेकिन इमली कुछ नहीं बोलती है और फिर आदित्य इमली से कहता है कि मैं तुम्हें कहीं लेकर जाना चाहता हूं इमली कहती है कहां तभी

आदित्य एक्टिंग करता है कि वह बाइक पर है और इमली को भी अपने साथ बैठने को कहता है इमली आदित्य को देख कर मुस्कुराती है तभी आदित्य कहता है कि मैं तुम्हें असली ड्राइव पर तो नहीं ले जा सका इसलिए सोचा तुम्हें यहीं पर बाइक की सैर करा दूं चलो अब जल्दी से मेरे बाइक पर आकर बैठ जाओ इमली आती है और आदित्य के पास आकर खड़ी हो जाती है तभी आदित्य इमली से कहता है तुम मेरे साथ बैठ गई इमली हां कहती है और फिर आदित्य अपनी बाइक स्टार्ट करने की एक्टिंग करता है और एक जगह इमली को झटका देता है

और उसे कहता है कि थोड़ा पकड़ कर बैठ जाओ क्योंकि आगे गड्ढा है तो तुम्हें चोट लग सकती है मैं तुम्हारे लिए ही बोल रहा हूं इमली हस्ती है और फिर आदित्य को पकड लेती है और उसके बाद आदित्य अपनी बाइक रोकता है और इमली को गुड इवनिंग कहता है और उसे बैठने के लिए कुर्सी खींचता है इमली मुस्कुराती है पर एक रेस्टोरेंट विहेव बियर पिया जाता है आदित्य इमली केसर ठीक वैसा ही बीहेव करता है पर इमली से कहता है कि आपको अपने साथ पाकर बहुत खुशी हो रही है

और उसके बाद फिर आदित्य वेटर बन जाता है और इमली से पूछता है कि मैम आप क्या खाना चाहती हैं इमली कुछ नहीं बोलती है बस मुस्कुराती रहती है तभी आदित्य इमली से कहता है कि तुम भी कुछ बोलो इमली तुम चुप क्यों हो तुम्हें ये सब अच्छा नहीं लगा क्या सभी इमली कहती है हां मुझे बहुत अच्छा लगा आदित्य कहता है तुम्हें ये रेस्टोरेंट्स कैसा लगा तभी इमली कहती है सबसे अलग आदित्य कहते है बिल्कुल तुम्हारी तरह सबसे अलग और फिर आदित्य इमली से कहता है कि

मैं तुम्हारे साथ अपनी नई जिंदगी शुरू करना चाहता हूं तभी इमली कहती है कि यह इतना आसान नहीं होता बाबू साहेब और अब आपके अतीत हमारे आने वाले कल पर भी भारी पड़ चुकी है और यह सच्चाई तो कोई नहीं बदल सकता और वैसे भी आपको मुझ पर भरोसा नहीं है तभी आदित्य इमली से कहता है कि ऐसा नहीं है इमली कि मैं तुम पर भरोसा नहीं करता हूं तुम बताओ कि मैं तुम पर कैसे भरोसा नहीं करता हूं तभी इमली कहती है कि मैं आपको सच बताना चाहती हूं

बाबू साहेब मालिनी दीदी अपने बच्चे का ख्याल नहीं रख रही है तभी आदित्य कहता है ऐसा कैसे हो सकता है इमली मां ने मुझसे एक बात कहा था कि एक औरत चाहे कितनी बुरी क्यों हो ना हो लेकिन वो अपने बच्चों को चोट पहुंचाने के बारे में कभी सोच नहीं सकती आदित्य की बात सुनकर इमली खड़ी हो जाती है और आदित्य से कहती है ठीक है बाबू साहब अब हम मालिनी दीदी के बारे में कुछ नहीं बोलेंगे हमसे बहुत बड़ी गलती हो गई अब हम कभी भी ऐसी गलती नहीं करेंगे

अब हम आपके सामने मालिनी दीदी के खिलाफ सबूत लेकर आएंगे बस उस सबूत को आप एक बार फिर से मीठा मत कीजिएगा और इतना कहकर इमली चली जाती है तभी आदित्य कहता है कि आजकल हमें क्या हो गया है हम अपनी बात को सही ढंग से रख क्यों नहीं पा रहे हैं वही रूपाली मालिनी को कमरे से बाहर आने के लिए कहती है तभी इमली वहां पर पहुंचती है और रूपाली से कहती है क्या हुआ रूपी दीदी अभी तक आप लोग डॉक्टर के पास गई नहीं तभी रूपाली कहती है कि

जब मालिनी तैयार हो जाए और अपने कमरे से निकल जाए तभी तो हम डॉक्टर के पास जाएंगे ना आधे घंटे से मालिनी अपना सैंडल पहन रही है तभी इमली कहती है रुकिए हम दरवाजा खुलवा दें और उसके बाद एक दरवाजा खटखटा आती है और अनु बनके मालिनी को बुलाती है मालिनी दरवाजा खोलती है इमली झट से कमरे के अंदर चली जाती है मालिनी से कहती है मालिनी दीदी चलिए डॉक्टर के पास चलते हैं तभी मालिनी इमली से कहती है अभी दरवाजा बंद है और कमरे में सिर्फ मैं और तुम है तो नाटक करने की जरूरत नहीं है इमली और बंद करो तुम अपना ये नाटक तुम्हारे इस नाटक से मैं पक चुकी हूं

सभी इमली मालिनी से कहती है नाटक हम नहीं नाटक तो आप कर रही है मालिनी दीदी आप अपने बच्चे का ध्यान क्यों नहीं रख रही हैं तभी मालिनी कहती है कि मैं पहले आदित्य की पत्नी बनना चाहती हूं और उसके बाद मां बनना चाहती हूं पहले मैं आदित्य के दिल में जगह बनाऊंगी उसके बाद ही मैं मां बनूंगी तभी इमली कहती है आप ऐसा कैसे सोच सकती हैं मालिनी दीदी आप अभी भी अपने बच्चे के बारे में नहीं बल्कि बाबू साहेब के दिल में कैसे रहना ये सोच रही हैं तभी मालिनी कहती है

हां मैं यही सोच रही हूं इमली कहती है आप इतना कैसे गिर सकती है लेकिन आप एक बार ध्यान रखिए कि मुझे आपकी बच्ची की चिंता है इसलिए मैं यहां पर खड़ी हूं और आपको बाबू साहेब का प्यार मिले या ना मिले लेकिन मैं आज यह वादा करती हूं कि जब तक मैं जिंदा हूं तब तक इस आने वाले बच्चे को खुशी भी दूंगी और उसे मां का प्यार भी दूंगी पर इतना कहकर इमली वहां से चली जाती है वही सभी लोग मालिनी को अपना ध्यान रखने के लिए कह रहे होते तभी रूपाली कहती है कि

तुम्हें अगर थोड़ी सी भी अपनी बच्चे की चिंता होती ना तो तुम डॉक्टर के पास जाती मुझे तो लगता है कि तुम्हें अपने बच्चे की चिंता है ही नहीं राधा रूपाली से कहती है यह तुम कैसी बातें कर रही हो रूपाली मालिनी बच्चे की मां है और उसे अपने बच्चे की चिंता कैसे नहीं होगी चलो अब उसे आराम करने दो आदित्य इमली से कहता है कि मैं समझ ही नहीं पा रहा हूं कि मेरे साथ क्या हो रहा है मैं एक पत्रकार हूं और एक बहुत ही अच्छा पत्रकार हूं लेकिन मैं अपने घरेलू मामलों से उलझ के रह गया हूं

वही अगली सुबह आदित्य ऑफिस जाने के लिए तैयार होता है और अपर्णा से कहता है की मां हो सके तो इमली कभी बॉक्स तैयार कर दीजिए मैं उसे कॉलेज छोड़ने जाऊंगा और इमली कहती है कि मैं गुस्सा हूं फिर भी जनाब मुझे कॉलेज छोड़ने जाने के लिए तैयार है और फिर वहां से जा रही होती तभी मालिनी को बहुत ज्यादा वीकनेस लग रहा होता है लेकिन फिर भी मालिनी अपने कॉलेज जाने के लिए तैयार होती है तभी इमली कहती है ये नहीं सुधरने वाली मुझे कुछ करना पड़ेगा अपने बच्चे के लिए

और आज के एपिसोड का दी एंड वहीं पर हो जाता है वही कल के एपिसोड में आपसे भी देखेंगे कि मालिनी को कॉलेज जाने से रोकने के लिए इमली एक खेल खेलने वाली है और वो खेल होने वाला है बहुत ही ज्यादा इंटरेस्टिंग तो यह सब होगा कल के आने वाले एपिसोड में

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