You are currently viewing Imlie 7th October 2021 written update | Imlie 7 October 2021 full episode today written update
Imlie 7th October 2021 written update

Imlie 7th October 2021 written update | Imlie 7 October 2021 full episode today written update

Imlie 7th October 2021 written update || Imlie 7 October 2021 Today Full Episode Twists | Imlie 7th October 2021 Written Update | Imlie Written Update | Imlie Upcoming Twist | इमली के आज के एपिसोड

imlie watch full episode on Hotstar

Imlie 7th October 2021 written update सीरियल इमली के आज के एपिसोड में आप सभी देखेंगे कि सभी लोग डाइनिंग टेबल पर बैठकर डिनर कर रहे होते हैं तभी उधर से सुंदर आता है और आदित्य से कहता है कि मैंने सारे इंतजाम होटल की बजाय ऊपर छत पर कर दिया है जैसा आपको चाहिए थे मैंने बिल्कुल वैसे ही कर दिए हैं बस आप इमली को मना कर डिनर पर ले कर चले जाइए आदित्य खाना नहीं खा रहा होता है तभी अपर्णा कहती है क्या हुआ बेटा खाना खा ले निशांत भी उठ वहां से चला जाता है और आदित्य भी उठ कर वहां से जाने लगता है

तभी मालिनी कहती है आप कहां जा रहे हैं तभी आदित्य कहता है बस मैं अभी आता हूं लेकिन मालिनी कहती है सबके साथ बैठकर खाना खाइए ना तभी आदित्य कहता है इस टाइम पर आपका खाना खाना बहुत जरूरी है तो प्लीज आप खाइए और वैसे भी हमें इस वक्त हमें भूख नहीं है हम थोड़ी देर में आते हैं और उठकर आदित्य वहां से चला जाता है तभी मालिनी अपने मन में कहती है जब इमली की डेट होनी ही थी तो मैंने इतना कुछ क्यों किया वही इमली पंडित जी के पास होती है

और ऊपर से ढेर सारे पैसे गिरने लगते हैं इमली चौक जाती है कि इतने सारे पैसे कहां से आ रहे हैं और वही पंडित जी पैसे देखकर बहुत खुश होते हैं और वो पैसा इमली की नानी उधर से पंडित जी पर उड़ा रही होती है पंडित जी पैसे लेकर वहां से जाते हैं तभी इमली पंडित जी से कहती है पंडित जी अपने पैसे भी लेकर जाइए और उसके बाद नानी इमली के पास आती है तभी इमली नानी से कहते नानी आपके पास इतने पैसे कहां से आए तभी नानी कहती है

अरे तुम ही तो दी थी भूल गई कभी इमली याद करती है कि एक बार उसने नानी के साथ नकली नोट उड़ा कर मजाक किया था इमली कहती है नानी आपने इस नोट को संभाल कर क्यों रखा था तभी नानी कहती है कि मैंने सोचा था कि एक दिन मैं तुमसे बदला जरूर लूंगी लेकिन अब जब नकली नानी नहीं रही तो नकली नोट का क्या काम तभी उधर से आदित्य आता है और इमली से कहता है इमली तुम इस नकली नोट के साथ क्या कर रही हो

तभी इमली कहती है अपने मन में अगर मैं इनको कहूंगी कि पूजा नकली थी तो ये मानेंगे नहीं इमली कहती है हम क्या करेंगे कुछ नहीं अच्छा आप बताइए कि आप कुछ कहना चाह रहे थे बताइए तभी नानी कहती है अरे जमाई बाबू चुप क्यों है बताइए ना तभी आदित्य नानी से कहता है नानी आपके सामने नहीं हम ये बात इमली से अकेले में करना चाहते हैं नानी कहती है अच्छा ठीक है कर लो कर लो तभी नानी वहां से चली जाती आदित्य इमली से कहता है तुम हमारे साथ चलो प्लीज तभी कहती है

कहां तभी आदित्य कहता है तुम एक बार बस चलो फिर तुम्हें सब पता चला जाएगा वही मालिनी परेशान रहती है तभी अनु मालिनी से पूछती है क्या हुआ बेटा तभी मालिनी कहती है आदित्य इमली के पास गए चाहे जो कर लूं मैं उन्हें नहीं रोक पाए वो दोनों डेट पड़ जाएंगे तभी अनु कहती है तुम टेंशन मत लो मैं हूं ना और उसके बाद अनु अपने मन में कहती है जैसे मैंने नकली पैसे देकर उस पंडित से पूजा करवाए वैसे भी इस सिचुएशन को भी हैंडल कर लूंगी

वही आदित्य इमली को अपने साथ चलने को मना रहा था लेकिन इमली आदित्य के साथ जाने से मना करती है और वहां से जाने लगती है और नानी इमली और आदित्य की बात छुप कर सुन लेती है तभी नानी उधर से आती है और इमली को रोककर उससे कहती है कहां जा रही हो देखो पत्नी ऐसे रूठती है कि उसका पति उसे आकर मनाए और जब जमाई बाबू तुम्हें मना रहे हैं तो फिर क्यों नहीं मान रही हो मान जाओ तभी इमली नानी से कहती है

जब ये हमारी बात नहीं माने तो हम इनकी बात क्यों माने और इतना कहकर इमली वहां से चली जाती है इमली सबके साथ डायनिंग टेबल पर खाना खाने के लिए आ जाती है तभी अनु मालिनी से कहती है यहां अंदर आकर इसने खुद अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारी है अब देखना कि मैं इसे जाने ही नहीं दूंगी आदित्य भी इमली के पीछे पीछे आता है तभी निशांत आदित्य के पास जाता है और उससे कहता है आदि तुम यहां कैसे आ गए तभी आदि निशांत से कहता है इमली हमारे साथ जाना ही नहीं चाहती

यहीं कुर्सी पर आकर बैठ गई हमारे बारे में पूछी भी नहीं और उसने खाना खाना शुरु कर दिया अब हम इसे कैसे लेकर जाए और सबके सामने जाकर हम कैसे बात करें कि सबके साथ खाना खाना छोड़ दो और हम अकेले में जाकर खाना खाएंगे नहीं बोल सकता हूं ना मैं ऐसा निशांत कहता है ठीक है तू अगर बोल नहीं सकता है तो तू लिख दे रुक मैं कुछ करता हूं और उसके बाद निशांत पेन पेपर देकर आदित्य से कहता है ये पेपर भी तुम्हारा इंतजार कर रहा था

तभी आदित्य कहता है इमली हमारे हाथ से चिट्ठी तो क्या गिलास पानी तक नहीं लेगी तभी निशांत कहता है यार मैं कहां कह रहा हूं कि तुम्हारे हाथ से चिट्ठी जाएगी इमली के हाथ में चिट्ठी जाएगी मेरे हाथ से तुम्हें जो बोलना है तुम इसमें लिखो और उसके बाद आदित्य उस पेपर पर कुछ लिख देता है और निशांत को दे देता है और कहता है कि मैं सुंदर को लेकर घर जा रहा हूं तू भी वही आ जाना निशांत कहता है ठीक है

तुम जाओ मैं इमली को साथ लेकर आता हूं वही आनु चुपके से उन दोनों की बातें सुन लेती है जैसे ही निशांत इमली को चिट्ठी देने जाता है कि अनु निशांत को रोक लेती है और कहती है आज मैं इमली को अपने हाथों से खाना खिलाऊगी जिसे सुनकर इमली चौक चाहती है और घर के बाकी लोग भी एकदम शौक हो जाते हैं इमली अपनी मां मेथी की तरफ देखती है तभी मीठी कहती हो सकता है इन्होंने खाने में कुछ मिला दिया होगा इनका कोई भरोसा नहीं है इमली अनु से कहती है

आप किस खुशी में मुझे अपने हाथों से खाना खिला रही है तभी अनु कहती है वो आज तुमने मुझे चैलेंज किया कि तुम मुझे डरा दोगी और तुम उस चैलेंज में जीत भी गई तो यह मेरी पनिशमेंट समझो कि मैं तुम्हें अपने हाथों से खाना खिलाऊंगी तभी इमली कहती है ठीक है तो आप भी हमारे हाथों से खाना खाई है और फिर इमली और अनु एक दूसरे को अपने अपने हाथों से खाना खिलाने लगते हैं जिसे देखकर पूरा त्रिपाठी परिवार चौक जाता है वही हरीश कहते हैं अरे आज सूरज कहीं पश्चिम से तो नहीं उगा है

हम कोई सपना तो नहीं देख रहे कि इमली और अनु जी एक साथ बैठकर खाना खा रही है वो भी एक ही प्लेट में और फिर निशांत इमली को आदित्य का लेटर देने वाला होता है लेकिन अनु निशांत से कहती है कि निशांत बेटा तुम यहां पर क्या कर रहे हो जाओ बैठ कर खाना खाओ देखो खाना ठंडा हो रहा है और हरीश भी नहीं शान से कहते हैं तुम क्या इधर से उन्हें घूमने जा रहे हो चलो बैठ कर खाना खाओ एहसास बैठ जाता है और वह चिट्ठी रूपी को दे देता है रूपी फिर चिट्ठी नानी को देती है

वही सुंदर आदित्य से कहता है कि आप जल्दी से प्रेक्टिस कीजिए कि आपको इमली को कैसे मनाना है और कैसे सॉरी बोलना है आदित्य बहुत ज्यादा प्रैक्टिस करता है कि इमली को किसी तरह से वो मना ले वही इमली नानी के हाथ से चिट्ठी ले लेती है और चिट्ठी पड़ती है और छत पर भागती है लेकिन इमली के जाने से पहले मालिनी छत पर पहुंच जाती है और कहती है मुझे भी जंग फूड खाने का बहुत मन कर रहा था तभी आदित्य करता है

लेकिन वाली नहीं डॉक्टर ने आपको जंक फूड खाने से मना किया लेकिन मालिनी कहती नहीं डॉक्टर ने ऐसा कुछ भी नहीं कहा है इतने में ही डॉक्टर आ जाते हैं और आदित्य के सामने कहते मालिनी मैंने शाम में तुझे बोला था कि तुम जंग फुट नहीं खाओगी और धोखे से दूर होगी तुम्हें पता है ना कि तुम्हें अस्थमा है मारे नहीं कहती नहीं मुझे कुछ याद नहीं है और शायद जिस टाइम आप फोन किए गाड़ी का होरन बहुत ज्यादा आ रहा था और मैं आपका आवाज सुन नहीं पाई आदित्य कहता है ऐसा कैसे हो सकता है

जब मैंने तुमसे पूछा कि तुम्हारी डॉक्टर से बात हो गई तो तुमने हां बोला तबीयत डॉक्टर कहते चलो ठीक है अभी हम तुम्हारा चेकअप कर देते हैं मालिनी अपने मन में कहती है कि हम इन दोनों को अकेले छोड़कर नहीं जा सकते चाहे कुछ भी हो जाए और आज के एपिसोड का दी एंड वहीं पर हो जाता है वही कल के एपिसोड में आप सभी देखेंगे कि

जैसे तैसे करके आदित्य और इमली डिनर पर अकेले पहुंच जाते हैं जहां आदित्य इमली से कहता है कि हम तुम्हारे साथ एक नई जिंदगी की शुरुआत करना चाहते हैं तो ये सब होगा कल के आने वाले एपिसोड में

Leave a Reply