Ghum Hai Kisi Key Pyaar Meiin 17th March Written Update
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Ghum Hai Kisi Key Pyaar Meiin 17th March Written Update गुम है किसी के प्यार में कि आज के एपिसोड में आप सभी देखेंगे कि सई अपने सामान के साथ अंदर आती है और सबसे पहले मंदिर जाती है बप्पा से कहती हैं बप्पा मैंने इस घर में तो अपनी जगह बना ली है पर अभी सब के दिलों में अपनी जगह बनाना बाकी है आज मैं बिल्कुल अकेली हूं आपको हर हाल में मेरा साथ देना ही होगा इधर विराट अपने कमरे में होता है

तभी उस को प्यास लगती है तो विराट जग उठाने की कोशिश करता है सई भागकर आती है और आगे बढ़ती है और विराट का जग उठाने में उसकी हेल्प करती है और विराट से कहती है क्या हुआ डरा दिया क्या आपको विराट कहता है

सई तुम ये सब क्यों कर रही हो और तुम इस कमरे में क्या कर रही हो आई ने पहले हम दोनों को अलग-अलग कमरे में रखा था ना तो तुम इस कमरे में क्यों आ गई सई कहती है कि आई ने तब हम लोगों को अलग-अलग कमरे में करा था क्योंकि तब मैं आपको पति की नजर से नहीं देखती थी लेकिन अब मैं आपको अपने पति की नजर से ही देखती हूं इसलिए स्वागत नहीं करेंगे आप हमारा बताइए बताइए विराट कहता है तुम्हें हिंदी समझ में नहीं आती क्या क्योंकि मैं तब से तुम्हें हिंदी में समझाने की कोशिश कर रहा हूं कि

तुम यहां से चली जाओ चली जाओ लेकिन तुम्हें कुछ समझ में आ ही नहीं रहा है तुम मुझे अपना पति मानती हो पर मैं तुम्हें अपना पत्नी नहीं मानता सई कहती है मैं मराठी, तमिल, तेलुगू, बंगाली यहां तक की अंग्रेजी भी जानती हूं लेकिन आप किसी भी भाषा में बोलेंगे मैं आपको छोड़कर कहीं नहीं जाऊंगी ये सई जोशी अब आपको नहीं छोड़ेगी विराट उठता है तभी अचानक पैर उसका बेड से टकरा जाता है सई कहती है ये क्या कर रहे हैं विराट सर धीरे धीरे चलना चाहिए ना चलिए चुपचाप यहां पर बैठ जाइए देखिए

पैर में भी चोट लगा लिया आपने सई जाती है और एक बैंडेज लेकर आती है और उसको बड़े प्यार से विराट के पैर पर लगा देती है सई कहती है अब ठीक है ना आराम मिल रहा है ना आप क्यों मुझसे भागे भागे जा रहे हैं मैं आपको छोड़कर कहीं नहीं जाऊंगी आपकी परछाई आपसे दूर हो सकती है पर आपकी बीवी नहीं और वैसे भी अब मैं सई जोशी नहीं सई विराट चौहान हूं वो सर्टिफिकेट तो मैंने फाड़ दिया ना विराट कहता है तुम कितने ही सर्टिफिकेट क्यों ना फाड़ दो ना मुझे फर्क नहीं पड़ता है सई क्योंकि तुम उस घर में अपनी जगह बना सकती हो

पर मेरे दिल में नहीं मैं तुम्हें अपनी बीवी नहीं बना सकता और यही सच्चाई है मैं इस चीज को नहीं भूल सकता कि तुमने मुझे डाइवोर्स दिया था इसलिए तुम इस चीज को एक्सेप्ट कर लो इसी में तुम्हारी भलाई है सई विराट के मुंह से ये बात सुनकर बहुत चौक जाती है और उदास हो जाती है तभी देवी ताई आती है और कहती है बीरू मुझे तुझसे कुछ बात करनी है विराट कहता है क्या बात करना है ताई सब ठीक तो है ना क्या हुआ देबी ताई कहती है तू चलना हम सबके साथ प्रसाद खाने देख तू होलिका दहन में भी शामिल हुआ था

फिर तू क्यों नहीं नीचे आ रहा है आना तुझे मेरी कसम है झूठ मत बोलना मैं तुम्हें लेने आई हूं मना मत करना तभी सई कहती है देवी ताई इतने प्यार से लेने आई है विराट सर आपको मना नहीं करना चाहिए और वैसे भी प्रसाद का अनादर नहीं करते इसलिए आप प्लीज नीचे जाइए दबाने विराट सई का बात मान लेता है भवानी काकू खुश हो जाती है विराट को देखकर और कहती है वाह देखा मेरी देवी कितने प्यार से अपने भाई को लेकर आ गई पत्रलेखा सबसे पहले इस पूरनपोली का भोग लगा वो भी बप्पा के सामने पत्रलेखा पूरनपोली बप्पा के सामने रखती है

और कहती है बप्पा आपसे मेरी खुशियां देखी नहीं जाती ना बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं आप तभी तो जब जब मैंने विराट के पास आने की कोशिश की है हर बार ये सई पनौती बनकर मेरे पास आ जाती है और अब तो इस घर में भी घुस गई है प्लीज कुछ ऐसा चमत्कार करिए ना कि ये सई हमेशा के लिए घर को छोड़कर चली जाए भवानी काकू कहती हैं सई एक बात का ध्यान रखना यहाँ किसी भी चीज को परोसने की कोशिश मत करना क्योंकि तुम्हारे हाथ से दिया हुआ हम नहीं खाएंगे

तभी बाबा को अचानक से खासी हो जाती है सई भागकर आती है ग्लास में पानी डालने की कोशिश करती है लेकिन बाबा ग्लास हटा देते हैं सई कहती है बाबा ये क्या बात हुई मैं तो सिर्फ आपको पानी दे रही थी आपने क्लास ही हटा दिया ये शोभा देता है क्या आप कुछ सोचिए प्रसाद और पाने का अनादर कहीं किया जाता है बाबा कहते हैं तू कुछ भी कर ले सई पर मैं तेरे हाथ से पानी नहीं पी लूंगा चाहे कुछ हो जाए सई कहती है ठीक है अगर आप इतनी जिद्दी है तो मैं आपसे डबल मैं जाकर पूरे मोहल्ले में दूंगी कि आप लोग अपनी बहू के साथ कैसा व्यवहार करते हैं

मेरे हाथ का पानी खाना कुछ भी नहीं खाते मानसी बुआ कहती है ना तुम तो समझदार बन जाओ बच्चों वाली हरकत क्यों कर रहे हो अरे कम से कम पानी तो पी लो पानी पीने से कोई छोटा बड़ा नहीं हो जाता बैठो चुपचाप और इस बात को यहीं पर खत्म करो तिल का ताड़ बना रहे हो मेरा बेटा कितनी मुश्किलों से नीचे आया है वो भी प्रसाद खाने के लिए इस बात को आगे बढ़ा दोगे सारा मूड का कचरा हो जाएगा पानी पी लो पानी ही तो है निनाद दादा मान जाते हैं और पानी पी लेते हैं

दादा कहते हैं अब ठीक है सब को ठंडक पड़ गई इधर सई कहती है पाखी दीदी आप तो बड़ी जल्दी में लग रही है क्या बात है कुछ बोल रही है क्या पाखी कहती है मैं कुछ भी नहीं ढूंढ रही हूं और ये मेरी समझ में आया तुम नहीं चाहती हो कि मैं विराट को पूरनपोली दे रही इस बात का बुरा तो नही लग रहा सई कहती है आपको देखकर तो ऐसा लग रहा है कि आप अपने पति को सबसे पहले देने की वजह मेरे पति को प्रसाद देने में ज्यादा इंटरेस्ट दिखाई दे रहे हैं इसी के साथ आज के एपिसोड एंड हो जाता है

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