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Ghum Hai Kisi Ke Pyar Mein 4th August Written Update In Hindi

Ghum Hai Kisi Ke Pyar Mein 2nd August Written Update In Hindi | Bhawani Kaku Surprises Sai

Ghum Hai Kisi Ke Pyar Mein 2nd August Written Update In Hindi | Bhawani Kaku Surprises Sai

Ghum Hai Kisi Ke Pyar Mein 2nd August Written Update In Hindi गुम है किसी के प्यार में कि आज के एपिसोड में आप सभी देखेंगे कि हॉल में बैठकर सभी लोग एक साथ चाय पी रहे होते तभी वहां पर पाखी आती है पाखी को देखकर भवानी काकु बोलती हैं आओ पत्रलेखा मैंने तुम्हारी चाय कमरे में भिजवाई थी लेकिन तुम वहां पर थी नहीं यह सुनकर पाखी बोलती है हां बड़ी मामी वैसे भी आज मुझे चाय पीने का मन नहीं था मैं अपना सीवी अपडेट कर रही थी जॉब के लिए अप्लाई करना है ना और फिर उसके बाद वावा से बात करने लगी फोन पर उन्हें मैं ये बता रही थी कुछ दिन बाद में उनके साथ रहने आने वाली हूं जब तक मेरी जॉब नहीं लग जाती तब तक

तभी शिवानी बुआ कहती है पत्रलेखा तुम भागती भागती सी क्यों घूम रही हो सई वापस आ रही है इसलिए तुम अपना मुंह छुपा कर इस घर से भागना चाहती हो यही मन है ना तुम्हारा तभी पाखी कहती है आप लोगों को मुझ पर शक करना बंद करना होगा अरे मैं कह रही हूं कि सई की इस हालत की जिम्मेदार मैं नहीं हूं तभी उधर से मानसी बुआ जाती है उन्हें देखकर भवानी काकु कहती है

अरे मानसी तुम कहां मंदिर गई थी अकेली मानसी बुआ कहती हैं हां आज मैं पूजा करने मंदिर गई थी आप लोगों को शायद याद भी नहीं है पर बड़ी हैरानी की बात है कि पत्र लेखा को भी याद नहीं है कि आज उसकी शादी को पूरा 1 साल हो गया है पाखी मन ही मन सोचती हैं

कि आज का दिन मैं कैसे भूल गई आज के दिन ही तो मैंने अपनी बर्बादी की रेखा खुद खींची थी फिर मुझे कैसे याद नहीं रहा इतने मैं ही करिश्मा कहती है आज का दिन पाखी भाभी को कैसे याद रहेगा 1 साल हो गए शादी को पर उन्हें सुख मिला कहां शादी का जिंदगी में अकेली जो है

मानसी बुआ कहती हैं बेटे का सुख तो मुझे भी नहीं मिला पर इसका मतलब ये नहीं कि मैं उसकी सालगिरह भूल जाऊं मैं अपने बेटे को याद भी नहीं करू पाखी कहती है आई मैं झूठी उम्मीद नहीं मानती मैं आपसे भी यही बोलूंगी कि आपको भी झूठी उम्मीद करने की कोई जरूरत नहीं है आपका बेटा मुझे शादी के 2 दिन बाद ही छोड़कर चला गया था

इस घर को छोड़कर चला गया था यह सुनकर मानसी बुआ को बहुत बुरा लगता है और वह साथी पर कहती हैं बस करो पाखी 1 मार्च सिर्फ और सिर्फ अपने बेटे के वापस आने की उम्मीद लगा सकती है तुम उसको तो कम से कम मत तोड़ो अश्विनी काकु कहती है अपनी सास को रुलाने में बहुत मजा आता है क्या पत्रलेखा तुम इस तरह की नेगेटिव बातें कैसे कर लेती हो पाखी तुम्हे जरा सी भी शर्म नहीं आती शिवानी बुआ कहती है

इसको तो एक मौका मिला था जाकर सम्राट को ढूंढने का इसकी टिकट भी विराट ने करा दी थी लेकिन इसने सारी टिकट फाड़ दी क्यों सिर्फ इसलिए क्योंकि विराट सई को अपने साथ लेकर जाना चाहता था अरे इसके तो मन में सम्राट को ढूंढना नहीं बल्कि विराट के साथ घूमने का मन था मानसी बुआ कहती है पाखी तुम अभी भी सम्राट को ढूंढ सकती हो पाखी कहती नहीं आई बिल्कुल नहीं मैं सम्राट को ढूंढने कहीं नहीं जाऊंगी मैं झूठी उम्मीद क्यों बांधु अगर सम्राट को वापस आना होता तो वो अब तक आ चुका होता अश्वनी काकु कहती हैं अगर तुम सम्राट को ढूंढने नहीं जा सकती या तुम्हें उससे कोई मतलब नहीं है तो तुम्हें दूसरों की जिंदगी से भी कोई मतलब नहीं होना चाहिए अगर विराट और सई में लड़ाई होती है तो होने दो उनमें दोस्ती होती है तो होने दो तुम्हें क्या मतलब

पाखी कहती है कि अश्विनी मामी आप हर बात पर मुझे क्यों दोस देना चाहती हैं आपको क्या लगता है कि सई की जो आज हालत है उसकी जिम्मेदार मैं हूं क्या मैंने सई से कहा था कि घर छोड़कर चली जाए क्या मैंने उससे कहा था कि अजिंक्य से किसी भी तरह से बात करें क्या मैंने सड़क पर जाकर उसे धक्का दे दिया तभी पीछे से विराट और सई आ जाते हैं सई कहती है

आई मैं आ गई सई को देखकर निनाद दादा कहते हैं अरे बेटा तुम ठीक हो ना सई कहती है हां बाबा मैं बिल्कुल ठीक हूं और जिंदा हूं मैं अभी मरी नहीं बाबा कहते हैं ये क्या तरीका है बात करने का सई मैं तुम्हारा हाल-चाल पूछ रहा था तुम ऐसे जवाब दे रही हो सई कहती है सॉरी बाबा पर मैं क्या करूं मुझे तो लगा था

मैं यहां आऊंगी तो सब बहुत खुश हो जाएंगे लेकिन यहां तो सब बहुत शांत है बहुत खामोश खड़े हैं ऐसा लग रहा है कि किसी शोक सभा में ये सब आए हैं इसलिए मैं क्लियर कर रही हूं कि मैं बिल्कुल ठीक हूं और पाखी दीदी आप इतनी ऊंची आवाज में आई से क्या बात कर रही थी मेरे आते ही चुप हो गई मेरी तो समझ में नहीं आ रहा है यहां क्या हो रहा था

आई कहती है तू पहले मेरे गले लग और इतना मत सोच तू घर आ गई इससे बड़ी खुशी की बात और कुछ हो ही नहीं सकती और वो करिश्मा से आरती की थाली लेकर आने को बोलती हैं तभी ओमिकाका सई से पूछते हैं सई तुम्हें कोई तकलीफ तो नहीं हो रही है ना सई कहती है नहीं काका मैं बिल्कुल ठीक हूं बस चलने में अभी थोड़ा मुझे दर्द होता है

भवानी काकु करिश्मा के हाथ से थाल ले लेती हैं और वो कहती हैं कि तुम आ गई इस बात की हमें बहुत खुशी है और विराट से बोलती हैं विराट तू भी इसके साथ आ जा विराट कहता है मैं मैं सई के साथ क्यों आ जाऊं मतलब सई तो अकेले ही अपनी जिंदगी और मौत की जंग लड़ के आई है तो फिर मैं क्यों तभी भवानी काकू बोलती हैं वो इसलिए क्योंकि पति पत्नी की आरती एक साथ होती है भवानी काकू बड़े प्यार से विराट और सई दोनों की आरती उतारती हैं

सई यह सब देख कर बहुत ज्यादा इमोशनल हो जाती है और वो भवानी काकू के गले से लग जाती है और कहती है आपने तो मुझे सरप्राइज कर दिया भवानी काकु कहती है सरप्राइस तो मैं हो गई अरे बाहर वाले अगर देख लेते तो क्या बोलते कि मैंने अपनी छोटी बहू को मार डाला विराट कहता है आप ऐसा सोच भी कैसे सकती है काकु तभी भवानी काकु कहती है मुझे सब सोचना पड़ता है घर की मुखिया जो हूँ सही कहती है

आपके किसी बात का मुझे कोई बुरा नहीं लगा काकु क्योंकि मेरे साथ रहकर आप भी मेरे जैसी हो गई है जो दिल में आता है वह मुंह पर बोल देती है निनाद दादा बोलते हैं लेकिन सई इस बार तुमने हमें शौक दे दिया था लड़ाई के बाद बताओ क्या कोई ऐसे घर छोड़कर जाता है मानसी बुआ सई के हाथ में प्रसाद देती हैं और कहती हैं

ये लो बेटा प्रसाद खाओ आज तुम घर आई हो मैं बहुत खुश हूं और आज मेरे बेटे की शादी को भी एक साल हो गए हैं बस इतना प्रार्थना करना कि मेरा बेटा जल्द से जल्द वापस आ जाए सई कहती है मानसी बुआ आप देखना सम्राट दादा जरूर वापस आ जाएंगे तभी विराट कहता है सई जल्दी करो तुम्हें तो जाना है ना तुम्हारी बुक और बैग वगैरा सब मैं निकाल देता हूं

पाखी सारी बात सुनती रहती है और फिर मन ही सोचती है अच्छा है ये यहां चली जाए तो बहुत अच्छा होगा विराट कहता है कि मैं नहीं चाहता कि सई इस घर को छोड़कर कहीं भी जाए लेकिन आज सई की इस हालत का जिम्मेदार मैं खुद हूं मेरी जो हरकते हैं इस वजह से मैं सही को यहां रुकने के लिए बोल भी नहीं सकता शाम को पुलकित आ रहा है

घर सई अब उसके साथ उसी के घर में रहेगी हमारे साथ नहीं रहेगी ये सुनकर अश्विनी काकु कहती हैं सई तुम दोनों के बीच में क्या हुआ खुलकर बताओ सई कहती है मैं आपको सब बताऊंगी आई लेकिन अभी नहीं अभी मुझे विराट घर से कुछ बात करनी है और इसी के साथ आज के एपिसोड का दी एंड हो जाता है

वही कल के एपिसोड में आप सभी देखेंगे कि कल सई विराट से पूछेगी आप रो रहे हैं क्या सई और वो अपने अटैची में सामान रख रही होती तब विराट अटैची को पकड़ लेता है और हाथ जोड़ कर कहता है मुझे छोड़कर मत जाओ सई पता नहीं मुझे क्या हो जाता है मैं अपने गुस्से को कंट्रोल नहीं कर पाता हूं कभी-कभी मेरा मन करता है कि मैं खुद को मार डालु ये सुनने के बाद सई जोर से विराट का मुंह पकड़ लेती है और जोर जोर से रोने लगती है यह सब देखेंगे कल के एपिसोड में

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