Ghkkpm 30th October written update
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Ghum Hai Kisi key Pyaar Mein serial watch on  Hotstar

Ghkkpm 30th October written update गुम है किसी के प्यार में कि आज के एपिसोड में आप सभी देखेंगे कि देवी सई से कहती है सई तू विराट को पनिशमेंट दे और सई विराट से कहती है आप 10 बार उठक बैठक कीजिए सई के कहने पर विराट 10 बार उठक बैठक करता है जिसे देखकर देवयानी बहुत खुश होती है और सई से कहती है सई देख विराट ने तेरे कहने पर उठक बैठक भी की और पता है

पुलकित ने मुझे बताया कि हॉस्पिटल में वीरू ने तेरी बहुत ज्यादा देखभाल की थी तभी सई कहती है हां ताई मुझे पता है और आपको पता है विराट सर यहां पर भी मेरी बहुत क्लियर कर रहे हैं विराट बहुत बदल चुके हैं

तभी देवयानी कहती है अरे मैं तो भूल ही गई मैं तुम लोगों को नीचे नाश्ते के लिए बुलाने आई थी अश्विनी काकू ने बताया कि आज वो तुम्हारे फेवरेट साबूदाने की खिचड़ी बनाई है तभी विराट कहता है ताई आप जाइए मैं सई को लेकर अभी आता हूं इसे दवाई भी खिलानी है तभी सई कहती है आप मुझे दवाई खिलाने नहीं भूलते ना तभी विराट कहता है अब क्या करूं दोस्त बना हूं जिम्मेदारी लिया हूं तो जिम्मेदारी तो निभानी पड़ेगी ना और उसके बाद विराट सई को दवाई खिलाता है तभी सई कहती है

विराट मैंने आपसे पूछा था ना कि अब आप घर जाने के बाद कौन सा रूप दिखाएंगे आप का ये रूप ना विराट सर मुझे बहुत अच्छा लगा और विराट और सई दोनों हंसने लगते हैं इधर सभी लोग डायनिंग टेबल पर बैठकर खाना खा रहे होते हैं तभी भवानी काकू बोलती है ओमकार और सोनाली कहाँ है पर देखा तभी पत्रलेखा कहती है कि बड़ी मामी सोनाली मामी और ओमी मामा ने करिश्मा को अपने कमरे में ही नाश्ता लाने को कहा है तभी भवानी काकू कहती हैं ऐसा क्यों आज तक हम सबने एक साथ नाश्ता किया है तभी निनाद कहते हैं

मैं जानता हूं ओमकार ऐसा क्यों कर रहा है कल जो कुछ भी हुआ लगता है उसने उन सारी बातों को दिल पर लगा लिया है और शायद गुस्सा है तभी शिवानी बुआ कहती हैं ओ कम ऑन दादा ऐसी भी कौन सी बात बोल दी वहिनी ने जो उन्हें इतना गुस्सा आ गया बहिनि थोड़ा सा काम ही तो दिया था बहिनि ने बाकी घरवालों की तरफ सोनाली बहन ने भी चुपचाप कर लेती तो इतनी बड़ी बात नहीं बनती है तभी भवानी काकू कहती हैं ऐसा कभी नहीं हुआ है कि ओमी ने अपने कमरे में खाना मंगवा लिया हो

और करिश्मा सोनाली और ओमकार के लिए खाना लेकर जा ही रही होती है तभी भवानी काकू करिश्मा को रोक लेती है और कहती है तुम खाना लेकर नहीं जाओगी जाओ और उन दोनों को बोलो कि मैं उन दोनों को डाइनिंग टेबल पर नाश्ता करने के लिए बुला रही हूं तभी करिश्मा कहती है काकू लेकिन अगर मैं खाना नहीं ले कर जाऊंगी तो आई मुझे बहुत डांट लगाएगी तभी भवानी काकू कहती हैं कि अगर तुमने मेरी बात नहीं मानी तो मैं क्या करूंगी तुम्हें तो पता ही है ना कभी करिश्मा डर से बिना खाना लिए ही उन दोनों को बुलाने के लिए चली जाती है

इधर अश्विनी काकू साबूदाने की खिचड़ी लेकर आती है सम्राट कहता है अरे वाह मामी साबूदाने की खिचड़ी तभी अश्विनी कहती है हां सई को बहुत पसंद है और उसने कल रात में ही कहा था कि उसे साबूदाने की खिचड़ी खानी है तभी भवानी काकू कहती है तो सई के लिए बनी है तो क्या हम लोगों को मिलेगी या नहीं अश्विनी कहती है कैसी बातें कर रही हैं वहिनी क्यों नहीं मिलेगी सबके लिए बनाया है मैंने तभी उधर से ओंकार और सोनाली आते हैं

और ओमकार भवानी काकू से पूछते हैं बहिनि आपने करिश्मा को हमारा नाश्ता कमरे में लाने क्यों नहीं दिया तभी भवानी काकू कहती हैं ये कौन सा नया नाटक चल रहा है ओमी तुम्हें पता है ना कि हम सभी लोग शुरू से एक साथ नाश्ता करते आ रहे हैं तो फिर ऐसा क्या हो गया कि तुम ने करिश्मा को अपने कमरे में ही नाश्ता लाने को कहा तेरी बीवी अपनी बहू से कहकर अपने कमरे में नाश्ता मंगवा रही है कि और ऐसा क्या हो गया तभी ओंकार कहते हैं आपको हम दोनों के स्वभाव में बदला हुआ बर्ताव नजर आ रहा है लेकिन आपको अपने बर्ताव नहीं नजर आ रहे हैं

तभी भवानी काकू गुस्से में कहती है ओमी मैंने तेरी बीवी को जरा से मसाले क्या पीसने बोल दिए तू ने तो आसमान सर पर उठा दिया और सोनाली तुझे इतनी भी चोट नहीं लगी है कि तुझे हॉस्पिटल लेकर जाना पड़े तभी सोनाली चाची कहती हैं बिल्कुल सही बोला वहिनी अब मैं सई जैसी नसीब वाली थोड़ी हूं कि मुझे हॉस्पिटल जाकर एडमिट होने का सौभाग्य प्राप्त हो और लोग मेरे आगे पीछे घूमे जैसे आज सई के आगे पीछे घूम रहे हैं तभी भवानी काकू कहती हैं अब तू मुझे ताना मार रही है तभी पत्रलेखा कहती है

बड़ी मामी सोनाली मामी तो बिल्कुल ठीक कह रही हैं आपसे सई हॉस्पिटल से घर लौटी है उसे इतना एटेंशन इतना प्यार से मिल रहा है खास तौर पर उसके लिए अलग कमरा जो सजाया गया है तभी सम्राट पत्रलेखा को चुप कराता है और पाखी से कहता है तुम प्लीज बहस मत करो तभी सोनाली चाची कहती हैं सही तो कह रही है पाखी हर बार मेरे परिवार को ही क्यों नीचा दिखाया जाता है क्यों हर बार मेरे बेटे को ताना दिया जाता है हर बार क्यों मेरी बहू को ही सबसे ज्यादा काम दिए जाते हैं ओमकार जी को पूरा बिजनेस अकेले संभालते हैं ना फिर भी इनकी मेहनत को क्यों नहीं जताया जाता है

और अब तो सबके सामने मेरी बेज्जती हो गई अरे क्यों हर बार मेरे परिवार को निशाना बनाया जाता है बताइए आप बहिनी तभी अश्विनी काकू कहती हैं अरे सोनाली ओमकार तुम लोग क्यों इतना बुरा मान रहे हो चलो अब अपना गुस्सा थूक दो देखो मैंने तुम लोगों के लिए नाश्ता बनाया है तभी सोनालि काकू कहती हैं सई का फेवरेट नाश्ता बना है ना क्योंकि अब से जो भी इस घर में होता है सिर्फ सई के लिए होता है तभी ओंकार भी कहते बहिनि आप तो रहने ही दीजिए सोनाली के साथ कल जो हुआ उसके लिए मुझे इतना बुरा क्यों लगा

ये बात आप कभी नहीं समझ पाइगि तभी सई कहती है कि ओमी काका आप ये कैसी बातें कर रहे है कि आई समझेंगी कि नहीं कल जब सोनाली चाची के हाथ में चोट लगी थी तो आई को भी बहुत बुरा लगा था तभी सोनाली चाची कहती है तुम तो चुप ही रहो

जो कुछ भी हो रहा ना तुम्हारी वजह से ही हो रहा है तभी सई कहती है मेरी वजह से कैसे हो रहा है काकू मैंने तो आपको नहीं कहा था ना मसाला पीसने को को और मैं आपके हिस्से का काम करने के लिए तैयार थी और मैंने आपको कहा भी था कि आप रहने दीजिए तभी ओमी चाचू कहते हैं ओ लड़की तुम चुप हो जाओ

तुम्हें मेरी बीवी से बात करने की कोई जरूरत नहीं है तभी विराट कहता है लेकिन ओमी चाचू आप सई से इस तरह से बात क्यों कर रहे हैं और वो ठीक ही तो कह रही है कल जो कुछ भी हुआ उसमें उसका कोई कसूर नहीं है तभी भवानी काकू कहती हैं कसूर किसका था किसका नहीं है जानने के लिए तुम मुझसे बात करोगी इस बच्ची पर क्या धौंस जमा रहा है मैंने कल सोनाली को गलती का सजा दिया था और आगे भी अगर तेरी बीवी चपड़ चपड़ करके अपने आप को ऊपर और इस घरवालों को नीचा दिखाने की कोशिश करेगी

तो इसे ऐसे ही सजा मिलती रहेगी इसके दिमाग में ये बातें घुल जानी चाहिए कि ये भी बाकी घर वालों से अलग नहीं है इस घर में सब एक बराबर है तभी ओंकार कहते हैं अगर ये बात है ना बहिनि तो मैं ऐसी नौबत आने ही नहीं दूंगा मुझे और मेरे परिवार को अगर इसी तरह से बेइज्जत किया गया तो मुझे एक घर और परिवार से अलग होने का फैसला लेना पड़ेगा मुझे सुनकर सभी लोग चौक जाते हैं सई ओमी चाचू से कहती है चाचू आप इस घर का सारा बिज़नस संभालते हैं और बिजनेस में तो कई लोग आपको भी कुछ कह देते होंगे

और आप भी कई लोगों को कुछ कह देते होंगे तो क्या आप बिजनेस करना छोड़ देते हैं विराट भी ओमी चाचा को समझाता है तभी निनाद दादा भी कहते हैं ओमी अब बस कर बहुत हो गया मैं तेरा बड़ा भाई हूं और अब मैं तुझे डांटूगा चल गुस्सा थूक और नाश्ता करने बैठ जाता भी ओंकार कहते हैं कि दादा मैं आपकी तरह नहीं हूं मैं गरजता भी हूं और बरसता भी हूं ओंकार चौहान गरजता भी है और बरसता भी है मैं अक्सर लोगों को आखरी बार कह रहा हूं अगर मेरे परिवार वालों को नीचा दिखाने का सिलसिला इसी तरह से चलता रहा तो

एक दिन में अपनी जिंदगी बहू बेटे के साथ घर छोड़ कर चला जाऊंगा तभी भवानी काकू कहती हैं बस ओमी अपने आपको तू इतना ताऊ से चौहान बोलता है और तू इतना भी नहीं जानता कि चौहान खानदान में आज तक कोई भी इंसान परिवार से अलग नहीं हुआ है खुशी हो या गम हम सब साथ में रहे हैं अकेले हैं हमें इतनी सारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है जब हमारे पास कुछ नहीं था तो एक दूसरे का साथ ही था हम लोगों के पास और कुछ नहीं तभी सई कहती है ओमी काका बहुत खुशनसीब है

आप जो आपके पास इतना बड़ा परिवार है जो हमेशा आपके साथ हर उतार-चढ़ाव में खड़ा रहा है आपके ऊपर कोई मुसीबत आए तो आपके सामने ढाल बनकर खड़ी हो जाता है तभी एक बार फिर से सोनाली चाची कहती है तुम तो चुप ही रहो जो कुछ भी हो रहा है ना सिर्फ और सिर्फ तुम्हारी वजह से ही हो रहा है अगर ओमकार जी अलग होने की बात कर रहे हैं तो सिर्फ तुम्हारी वजह से कभी सम्राट कहता है सोनाली मामी आप ऐसी बातें कैसे कर सकती है सई तो हमेशा जोड़ने की बात करती है

निनाद कहते हैं अभी बस हो गया अब चल नाश्ता करने बैठ जा तभी ओंकार चाचू कहते हैं कि जब एक पत्नी के साथ कोई बेइज्जती करें या उसे कोई कुछ सुनाए तो कितना बुरा लगता है ये बात आप कभी नहीं समझ पाएंगे दादा क्योंकि आपने जिंदगी भर ना तो अपनी पत्नी को ना प्यार दिए हैं और ना इज्जत बल्कि हमेशा खुद सबके सामने उन्हें बेइज्जत किया है जिसे सुनकर सभी लोग एकदम चौक जाते हैं अश्विनी काकु एकदम चुप हो जाती है तभी सोनाली चाची भी कहती हैं आप लोग ऐसे क्यों देख रहे हैं

ओमकार जी जो कह रहे बिल्कुल सही कह रहे हैं वो मेरी बहुत इज्जत करते हैं और कोई भी मेरे साथ गलत सुलुक करें तो वो नहीं सहन कर सकते और वैसे भी मैं अश्विनी वहिनी की तरह छोटे घर से थोड़ी आई हूं जो अपने पति का ताना और बेज्जती कर लूं तभी सई सोनाली चाची से कहती है सोनाली काकू आपके पति आपकी इज्जत करते हैं यह बहुत अच्छी बात है लेकिन आप अपनी तुलना आई से क्यों कर रही है आप आई से अपनी तुलना करके उन्हें नीचा क्यों दिखा रही हैं और उन्हें छोटा दिखाकर आप खुद को बड़ा दिखाने में क्या बोल रही हैं

तभी विराट भी कहता है आप दोनों मेरे ही आई बाबा के बारे में ऐसी बातें कैसे कर सकते हैं तभी ओंकार चाचू कहते हैं मैं क्या कर सकता हूं क्या नहीं ये तो वक्त आने पर पता चलेगा लेकिन एक बात मैं आप लोगों को साफ-साफ कह देता हूं अगर मेरे परिवार के साथ इसी तरह से शुरू किया गया ना तो मैं बहुत जल्दी एक नया घर खरीद लूंगा और इससे बड़ा ही घर खरीद लूंगा और अपने परिवार को लेकर वही चला जाऊंगा तभी अश्विनी का को रोते हुए वहां से चली जाती है

सई अश्विनी काकू के कमरे में उनके लिए नाश्ता ले कर जाती है और कहती हैं कि मैं आपके लिए गरम-गरम नाश्ता ले कर आई हूं तभी अश्विनी काकू कहती है तो मेरे लिए ऊपर क्यों लेकर आई नाश्ता और ये नाश्ता मैंने ही बनाया है वह भी तुम्हारे पसंद का तो तुमने क्यों नहीं किया ना तुम्हें दवाई भी लेनी है ना तभी सही कहती है कि मैं यहां पर नाश्ता करने नहीं आप से बात करने आई हूं आई मैं आपसे एक बात पूछूं आप दोनों के रूम मैं अलग अलग बेड क्यों लगे हुए हैं तभी अश्विनी काकु कहती है

तुमने देखा नहीं निनाद मुझसे किस तरह से बात करते हैं इस घर में सभी लोगों को पता है कि मेरे और नेनाद के कैसे रिश्ते हैं इधर विराट ने नाथ से कहता है आई सबके लिए इतना कुछ करती है इतना खुश रहती है आपको वह सब दिखाई नहीं देता है बाबा आपको आई की अच्छाई नजर नहीं आती है नीचे मुझे सभी लोगों के सामने आपको बोलना अच्छा नहीं लगा लेकिन अगर ओंकार चाचू जब आई के बारे में ऐसा बोल रहे थे तब आपने कुछ क्यों नहीं बोला तभी निनाद दादा कहते हैं

तो नीचे सबके सामने नहीं बोला तो क्या कमरे में आकर तुम मुझे समझाएगा बेटे को बाप का जूता आने लगता है तो इसका मतलब ये नहीं होता विराट की बेटा बाप बन जाता है बाप बाप ही रहता है और तू मुझे समझाने की कोशिश मत कर और तुझे तो पता है ना मेरी और अश्विनी का रिश्ता कई सालों से इसी तरह से चल रहा है और मुझे अब इन सब बारे में कोई बात नहीं करनी है इधर सई कहती है जब मेरा और विराट सर का कोई रिश्ता नहीं है फिर भी हम दोनों एक ही बेड पर सोते हैं बस बॉर्डर बना लेते हैं

लेकिन आई आपका तो रिश्ता है ना बाबा के साथ फिर भी आपको कितना बुरा लगता होगा अश्विनी काकु कुछ नहीं बोलती हैं और रोने लगती हैं और एपिसोड का दि एंड वहीं पर हो जाता है वही आगे के आने वाले एपिसोड में विराट से इसको समझाता है कि हम चाहे कुछ भी कर ले लेकिन आई और बाबा का रिश्ता नहीं सुधर सकता है तभी सई विराट से कहती है आई और बाबा के बिगड़ते हुए रिश्ते की वजह कोई तीसरा तो नहीं है ना क्योंकि जब 2 लोगों की रिश्ते में कोई तीसरा आ जाता है

तो बहुत दुख होता है तभी विराट कहता है तो फिर से घुमा फिरा कर बात पाखी पर लेकर आ गई ना क्या तुम्हें आई ने ये नहीं बताया था कि तुम अपनी पास्ट की बातें अब नहीं करोगी तो ये सब होगा आगे के आने वाले एपिसोड में

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