Ghkkpm 26th October written update
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Ghum Hai Kisi key Pyaar Mein serial watch on  Hotstar

Ghkkpm 26th October written update गुम है किसी के प्यार में कि आज के एपिसोड में आप सभी देखेंगे कि कल के एपिसोड में आपसे भी देखेंगे कि भवानी काकू बोलेंगी पंडित जी अब आज जो पूजा होगी वो पूजा मेरी छोटी बहू यानी कि सई और विराट मिलकर करेंगे तभी पाखी की मां भवानी काकू की बात सुनकर चौक जाती है और पाखी से कहती है कहती है ये सब क्या चल रहा है पाखी आखिर तुमने और सम्राट ने मिलकर गणेश जी की स्थापना की थी पूजा भी तुमने की थी तो फिर अब ये विसर्जन के समय विराट और सई कहां से बीच में आ गई ये भवानी जी ये सही नहीं कर रही है

तभी पाखी कहती है ये सब बहुत पहले से चल रहा है मां ये सई को भी अभी अस्पताल से यहां आना था वरना उससे पहले मैं ही सब कुछ देख रही थी सई ने मेरे सारे हक़ मुझसे छीन ली है आई लेकिन मैं भी चुप बैठने वालों में से नहीं हूं आप आप देखो मैं इसके साथ क्या करने वाली हूं पाखी गुस्से में वहां से जाती है और एक बड़ी सी चेयर लेकर वहां पर बीच में रख देती है जिसे देखकर सभी लोग जाग जाते हैं और किसी को कुछ समझ में नहीं आता है तभी पाखी कहती है सई तुम्हारी तो तबीयत ठीक नहीं है ना सम्राट कहता है ये सब क्या चल रहा है

पाखी तभी पाखी कहती है मैं कुछ और नहीं कहना चाहती हूं सम्राट मैं बस ये कहना चाह रही थी कि सई की तबीयत ठीक नहीं है तो वो खड़े होकर पूजा कैसे कर पाएगी हो सकता है उसे चक्कर आ जाए बेहोश ना हो जाए इसलिए मैं ये चेयर लेकर आई हूं शिवानी बुआ वही खड़ी होकर सब कुछ देख रही होती है और बगल में खड़े मोहित से कहती है मोहित जरूर दाल में कुछ काला है वरना ये औरत कभी भी सई की सगी नहीं हो सकती मोहित कहता है आप बिल्कुल सही कह रही है बुआ जी मुझे तो जरूर दाल में कुछ काला लग रहा है

इसकी नियत में कभी भी मुझे कोई अच्छी चीज दिखाई नहीं देती तभी सई कहती है नहीं पाखी दीदी मैं बैठ नहीं सकती घर के सभी लोग तो खड़े हैं और मैं खड़ी होकर पूजा कर सकती हूं ऐसा कुछ भी नहीं है वैसे भी ये पूजा और बाकी घर वाले लोगों का अपमान होगा मैं खड़े होकर ही पूजा करूंगी आप मेरे बारे में इतना सोच रही है उसके लिए बहुत-बहुत थैंक यू पाखी कि मैं आगे बढ़ती है और कहती है भवानी जी बुरा मत मानिएगा पर सई अभी अभी तो अस्पताल से आई है

फिर उससे इतना सब काम कराना ठीक नहीं है मेरे ख्याल से पूजा सम्राट और पाखी दोनों को मिलकर करनी चाहिए तभी भवानी काकू कहती है वैशाली जी वैसे मैं आपसे कहना नहीं चाहती पर ये हमारे घर का मामला है और बेहतर होगा कि आप घर के डिसीजंस में दूर रहें ये मेरा फैसला है कि विसर्जन की पूजा सई और विराट मिलकर करेंगे सम्राट कहता है मैं अपनी काकू की बात से पूरी तरह से सहमत हूं और मैं नहीं चाहता कि इस बात पर और ज्यादा बहस हो विराट सई तुम दोनों प्लीज आगे बढ़ो विराट खुश होकर सई को देखता है

सई भी विराट को देखती है फिर पंडित जी के कहने पर दोनों अपने अपने हाथ आगे बढ़ाते हैं और एक दूसरे का हाथ पकड़कर पूजा की शुरुआत करते हैं पाखी ये सब देख कर बहुत बुरा मानती है लेकिन वह कुछ नहीं कर पाती गणेश जी की मूर्ति लेकर विराट बाहर आता है घर के बाकी लोग घर के बाहर आ जाते हैं तभी सब कहते चलो चलो अब गणेश जी से विश मांगने का टाइम आ गया है ओमी चाचा कहते हैं आ जाओ विराट तुम जाओ तुम सबसे पहले और ना गणेश जी के कान में अपनी बीवी को बुद्धि देने की विश मांगना शायद उसको अकल आ जाए सई हंसती है

और कहती है बिल्कुल ठीक कहा आपने ओमी चाचा वैसे भी डॉक्टर बनना है तो मुझे बुद्धि तो बहुत चाहिए विराट सर का बुरा मत मानिए का आप जरूर मेरे लिए बुद्धि की कामना करिए ताकि मैं अच्छी डॉक्टर बन जाऊं विराट कहता गणेश जी मैं सिर्फ सई की खुशी मांगता हूं आपसे अगर सई की खुशी मुझसे दूर रहने में है तो प्लीज उसे किसी बात से नाराज मत कीजिएगा उसे हमेशा खुश रखिएगा और उसके साथ कोई अनहोनी मत घटने दीजिएगा और विराट के बीच मांगने के बाद सई गणेश जी के पास आती है और कहती है

गणेश जी मैं आपसे अपनी नहीं बल्कि विराट सर की खुशी मांगती हूं अगर उनकी खुशी मुझसे दूर रहने में है तो आप उनकी यह कामना भी पूरी करिएगा पर उनको दुख मत दीजिएगा ताकि आगे बढ़ती है और गणेश जी के कान में बोलती है गणेश जी मैं सिर्फ ये प्रार्थना करती हूं कि विराट को अपनी गलती का एहसास हो जाए उसे इस बात का एहसास हो जाए कि उसने मुझे छोड़कर जो सई को चुना है वह उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल है फिर बारी आती है सम्राट की सम्राट कहता है

गणेश भगवान में मैंने जो अपनी शादी को दूसरा मौका देने का फैसला लिया है मेरे इस फैसले को गलत साबित मत करिएगा वरना मेरा परिवार बिखर जाएगा मेरी सारी उम्मीदें टूट जाएंगे फिर विराट आगे बढ़ता है और फिर गणेश जी का विसर्जन होता है सब बहुत खुश होते हैं अंदर जाते हैं तभी वहां पर ब्राह्मण भोज शुरू हो जाता है पाखी खुशी-खुशी कीचैन से ढेर सारी सब्जी बनाकर लेकर आती है तभी भवानी काकू कहती है पाखी ये सब्जी का कटोरा मुझे दे दो पाखी कहती है पर क्यों काकू सब्जी तो मुझे पर उसने है ना ब्राह्मण भोज मैं कर आऊंगी

भवानी काकू बिना कुछ बोले हैं सब्जी का कटोरा पाखी के हाथ से छीन कर सई के हाथ में थमा देती है और कहती है हमारे घर का ये रिवाज है कि जो महाभोज होता है उसमें सारी बहुएं घर का खाना मिलकर बनाती है पर क्योंकि इस भोज में तुम सम्मिलित नहीं हो पाई इसलिए मैं चाहती हूं कि तुम ब्राह्मण भोज खुद अपने हाथों से कराओ इसका पुणे मैं चाहती हूं तुम्हें मिले आशीर्वाद मिले बाकी गुस्से में जाने लगे तभी पाखी की आई उस का हाथ पकड़कर उसे रोक लेती है और फिर कहती है ये सब क्या तमाशा चल रहा है

मतलब घर की बहूएं मिलकर ढेर सारा काम करें और जब बात आए ब्राह्मण भोज कराने की पुण्य लेने की तो वो अकेले सई को मिले ये सब कब तक चलता रहेगा पाखी और भवानी जी उनको क्या हो गया है पाखी कहती है ये सब पता नहीं क्यों चल रहा है पूरा घर एक हो गया है मैं बहुत अकेली पड़ गई हूं आई पर मैं भी पीछे नहीं हटूंगा मैं ऐसा होने नहीं दूंगी अपने हक के लिए अब मुझे खुद लड़ना होगा इधर जब सारी पूजा-पाठ समाप्त हो जाती है तब विराट जाता है और नहा धोकर तैयार होता है तभी उसे शीशे में सई नजर आती है

विराट पलट के देखता है तो उसे कुछ नजर नहीं आता विराट फिर बुक्स पढ़ने की कोशिश करता है तो सामने में फिर से सई नजर आती है विराट कहता है मैं पागल हो गया हूं हर जगह सई दिखने लगी है सई असली में आ जाती है और विराट की बात सुनकर कहती है विराट सर को क्या हो गया है मुझे इग्नोर कर रहे हैं इसका मतलब विराट नहीं चाहते हैं कि मैं यहां पर आऊ सई कहती है विराट विराट कहता है बस चुप हो जाओ यह मेरा बहन है कहां हो ही नहीं सकती मैं पता नहीं क्यों पढ़ाई पर कंसंट्रेट ही नहीं कर पा रहा हूं सई कहती है

विराट सर और जोर से चुटकी मारती है विराट कहता है तुम तो असली मैं हूं तभी सई कहती है असली नकली क्या लगा रखा है मैं यहां पर आपसे मिलने आई हूं और आप कह रहे हैं कि मेरा बहन है आप नहीं चाहते ना कि मैं यहां पर हूं ठीक है तो मैं यहां से चली जाऊंगी विराट कहता है नहीं सई ऐसा कुछ भी नहीं है बस मैं ये तुम्हें देख कर चौक गया कि तुम यहां क्या कर रही हो मैं तो बस ये चाहता था कि तुम आराम करो मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा लेकिन अगर तुम्हें मेरी बात का बुरा लगा हो तो

आई एम सॉरी अच्छा इधर बैठो बैठ कर बात करते हैं सई मुझे सच में ऐसा लगा कि तुम यहां नहीं आ सकती क्योंकि तुम बहुत वीक होना पर तुम यहां क्या कर रही हो सई कहती है विराट सर मुझे ना वहां पर नींद नहीं आ रही थी मुझे इस कमरे की आदत हो गई है विराट खुश हो जाता है और कहता है सई क्या तुमने वापस लौटने का प्लान बना लिया है विराट की बात सुनकर सई चुप हो जाती है और एपिसोड का दि एंड हो जाता है

वही आगे के एपिसोड में आपसे भी देखेंगे कि सई विराट से बोलेगी पति-पत्नी तो एक साथ कमरे में रहते हैं पर देखिए ना आई हम दोनों को अलग अलग कर दी है तो इस हिसाब से हम दोनों पति-पत्नी तो रहे नहीं फिर हमारा ये रिश्ता क्या कहलाता है विराट सर विराट हंसता है और कुछ बोलने वाला होता है तभी वहां पर पाखी आ जाती है पाखी पानी के छींटे दोनों लोगों के मुंह पर मारने लगती है विराट सॉक्ड हो जाता है और गुस्से में पाखी को घूरते हुए देखता है ये सब देखेंगे कल के एपिसोड में

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