Ghkkpm 21th October written update
Ghkkpm 21th October written update

Ghkkpm 21th October written update | Ghum Hai kisikey pyaar meiin 21th October written update | Ghum hai kisikey pyaar meiin 21th October 2021 full episode written update

Ghkkpm 21th October written update | Ghum Hai kisikey pyaar meiin 21th October written update | Ghum hai kisikey pyaar meiin 21th October 2021 full episode written update | Ghum Hai kisikey pyaar meiin Upcoming Twist

Ghum Hai Kisi key Pyaar Mein serial watch on  Hotstar

Ghkkpm 21th October written update गुम है किसी के प्यार में कि आज के एपिसोड में आप सभी देखेंगे कि पत्रलेखा सम्राट से पूछती हैं सम्राट विसर्जन कब होगा तभी सम्राट कहता है विसर्जन अपने मुहूर्त के हिसाब से होगा वैसे भी घर पर ही तो विसर्जन करना है इसलिए जब मुहूर्त होगा तो विसर्जन हो जाएगा इधर अश्विनी काकू बहुत खुश होती है और कहती है हे भगवान सई और विराट तो अब आते ही होंगे और मुझे देखो बाकी के काम में लगी हूं अभी तक सई के लिए कुछ बनाया भी नहीं तभी पाखी कहती है वाह लग ही नहीं रहा है कि

सई हॉस्पिटल से घर आ रही है ऐसा लग रहा है जैसे कोई बहुत बड़ी सेलिब्रिटी आ रही हो ओंकार चाचू कहते हैं बिल्कुल सही कहा तुमने पाखी बिल्कुल ऐसा लग रहा है कि सई नहीं कोई सेलिब्रिटी आ रहा हो अरे भाई हमारे कान पक गए हैं वही बातें सुन सुनकर इधर भवानी काकू कहती हैं इस बार सई के लिए खाना मैं बना दूंगी उसके पसंदीदा मोदक मैं अपने हाथों से बनाऊंगी मैंने सोच रखा है चाहे कुछ भी हो जाए लेकिन किचन में सारा काम अब मैं करूंगी तभी पाखी कहती है

क्या कहा आपने बड़ी मम्मी सच में जरूर सई ने अपनी किस्मत सुनहरी कलम से लिखवा कर लाई है तभी तो इतना सब होने के बावजूद आप किचन में जाकर इतने घंटों खड़े होकर सई को अपने हाथों से खाना बनाकर खिलाएंगी भवानी काकू कहती हैं पाखी वो आखिर बहू है हमारी और इतना तो हम उसके लिए कर ही सकते हैं और इसलिए मैं उसके पसंदीदा मोदक तो बना ही सकती हूं अश्विनी काकू कहती हैं कि रहने दीजिए बहिनी आपको डॉक्टर ने मना किया है आपके घुटनों में दर्द भी तो है

आप ज्यादा लंबी देर खड़े होंगे तो आपका दर्द और ज्यादा बढ़ सकता है तभी भवानी काकू कहती हैं देखो अश्विनी अब जो मैंने ठान लिया है वो मैंने ठान लिया है मैं सई के लिए अपने हाथों से कुछ बनाऊंगी तो मतलब बनाऊंगी देवी बात सुन लेती है तो कहती है आई सच में आपको पता है जब मैं छोटी थी और आई अपने हाथों से जो टिफिन बना कर रखती थी ना उसका सारा खाना मेरी सहेलियां खा लेती थी इतना अच्छा बनाती है

मेरी आई देवी ताई के मुंह से ये बात सुनकर अचानक भवानी काकू हंसने लगती हैं और कहती है अगर ऐसी बात है देवी तो तुझे भी मेरी मदद करनी होगी किचन में चल अब यहां से देवी कहती है सच में आई हां हां मैं मदद करने को तैयार हूं दोनों लोग जैसे ही अंदर जाते हैं तो सोनाली काकू कहती है वाह रे वाह क्या चेंज आया है ऐसा चेंज कि वहिनी अपने हाथों से खाना बनाने चली गई शिवानी बुआ कहती है आपको इतना बुरा क्यों लग रहा है वहीं सम्राट कहता है आप दोनों प्लीज चुप हो जाइए

यहां फिर से बहस बाजी हो रही है अगर सई आएगी और ये सब देखेगी तो कितना बुरा लगेगा उसे तभी पाखी कहती है सम्राट बात तो बिल्कुल सही कह रहे हो तुम बोलो तो मैं बड़ी सी माला बना दूं सई के लिए जब सई यहां आएगी तो सई को हार समझ कर उसको पहना देंगे क्यों सही कहा ना मैंने शिवानी बुआ कहती हां ये तो मैंने सोचा ही नहीं पाखी जाओ जल्दी से एक बड़ा सा हार बनाकर लेकर आओ वैसे बात तो एकदम सही है परवाह जो करती हो तुम तभी पाखी कहती है पर मैं सोच रही हूं

कि रहने दूं क्योंकि यहां तो सभी लोग इतने बड़े-बड़े काम कर रहे हैं कोई मोदक बना रहा है कोई खाना बना रहा है कोई कुछ और कर रहा है मेरा हर उसके गले में देखाई ही कहां देगा पता नहीं कहां किस कोने में फेंक देगी पता भी नहीं चलेगा तभी नीनाद दादा कहते हैं बिल्कुल सही कहा तुमने पत्रलेखा हम लोग सब उसके लिए कुछ ना कुछ जरूर कर रहे हैं चाहे तुम कुछ भी कह दो लेकिन तुम इस बात को नहीं झुठला सकती कि सई तुम्हारी इस घर की बहू है और इतना कुछ उसके लिए हमारा फर्ज बनता है

करने का वैसे भी जो हो गया सो हो गया अब उसी बात को लेकर हम हमेशा बैठ नहीं सकते गाड़ी आ गई है वो दोनों आ गए हैं सब लोग बाहर चले जाते हैं गेट पर सई को लेने के लिए तभी देखते हैं कि विराट बहुत प्यार से सई क हाथ पकर के उसे अंदर ले कर आता है अश्विनी काकू कहती है अरे सई तुम्हारे माथे पर कुमकुम कैसे सई कहती है वो रास्ते में विसर्जन हो रहा था ना आई तो कुमकुम उड़कर मेरे माथे पर आ गया पाखी कहती है

अरे अश्विनी मम्मी आप यहां ऐसे क्यों खड़ी हैं सई आई है आरती उन्हें नही उतारेंगी हर बार तो आप ऐसे ही करती हैं अश्विनी काकु कहती है आरती पर सई पहली बार थोड़ी आई है जो मैं उसकी आरती करूंगी तभी पाखी कहती है पर हर बार तो करती है ना अब देखिए ना जब जब सई घर से भाग कर गई है और जब जब आपस आई है आपने हर बार उसकी आरती उतारी है ताकि उसे नजर ना लगे बस इसीलिए पूछा सई आई है

इतने दिनों बाद हॉस्पिटल से अगर आप आरती कर देंगी तो उसको नजर नहीं लगेगी ना किसी की भी अश्विनी काकू कहती हैं लो मैंने अपना काला टीका लगा दिया है अपनी बेटी को भी और अपनी बहू को भी अब किसी की नजर नहीं लगेगी तभी मोहित कहता है बहिनी मुझे माफ कर दीजिएगा मुझे पता ही नहीं चला कि आपके साथ इतना बड़ा हादसा हो गया है वो मैं टूर पर गया था और मुझे घर में किसी ने बताया भी नहीं था ओंकार चाचू कहते हैं

मैंने सब को मना किया था सब को फोन करके तुझे बताने की से क्योंकि तू सारा काम धाम छोड़कर इधर चलाता है जो थोड़े बहुत पैसे तू कम आने लगा है ना वो सब पैसे मिट्टी में मिल जाते तेरा दिमाग तो लगता ही नहीं है बस यही बात सुना और भागा चलाया अब चुपचाप खड़ा रह मुझे तेरे मुंह से कुछ और नहीं सुनना सई कहती है रहने दीजिए मोहित भैया इसमें बुरा मानने वाली कोई बात नहीं है

इसमें आपकी क्या गलती है वैसे भी आपको तो बाद में पता चला था और वैसे भी देख लेना मैं बिल्कुल ठीक हूं और एकदम फिट एंड फाइन होकर हॉस्पिटल से आई हूं जितनी परवाह आपको मेरी है इतनी परवाह मेरी इस घर में हर सदस्य को थोड़ी ना होगी हर कोई मेरा ऐसे इंतजार थोड़ी ना कर रहा होगा बस इसी के साथ आज के एपिसोड का दी एंड हो जाता है कल के एपिसोड में आप सभी देखेंगे कि विराट बोलेगा सई से ज्यादा देर अभी खड़ा नहीं हुआ जा रहा है

आई इसलिए मैं इसे कमरे में छोड़ कर आता हूं ताकि ये रेस्ट कर ले आई कहती है हां बिल्कुल तुम इसे रेस्ट करने को जरूर बोलो लेकिन आज से सई तुम्हारे साथ तुम्हारे कमरे में नहीं रहेगी बल्कि एक अलग कमरे में रहेगी और वो भी अकेली जिसे सुनकर सभी लोग चौक जाते हैं ये सब देखेंगे हम कल के एपिसोड में

Leave a Reply