GHKKPM 14th November Full Episode Written Update
GHKKPM 14th November Full Episode Written Update

GHKKPM 14th November Full Episode Written Update

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GHKKPM 14th November Full Episode Written Update गुम है किसी के प्यार में कि आज के एपिसोड में आप सभी देखेंगे कि विराट भवानी काकू से कहता है काकू क्या आपके दिल में सई के लिए अभी भी कुछ नहीं बदला है जिसे सुनकर भवानी काकू कहती हैं और बदलेगा भी नहीं क्योंकि मैंने अपना सबक सीख लिया है क्योंकि इमारत को खड़ी रखने के लिए नींद को नहीं गिराई जा सकते हैं तेरी इस जंगली बीवी की वजह से मैं अपने घर को टूटता हुआ नहीं देख सकती इसकी वजह से ओमी भी घर छोड़कर जाने वाला था मैंने मनाया है ओमी और सोनाली को इस घर को छोड़ने से

तभी विराट कहता है काकू क्या आपकी नाराजगी इसलिए है कि मैंने अपने आई बाबा की एनिवर्सरी सेलिब्रेट की तो मैं आपको बता दूं कि ये सई का प्लान नहीं था ये मैंने सोचा था मैं अपने आई बाबा को एक करना चाहता था आपको जो कुछ भी कहना है मुझसे कहिए भवानी काकू कहती हैं कि तुझसे क्या कहूं विराट तुझसे तूने तो पहले कभी ऐसा नहीं किया था लेकिन जैसा बंदर का मदारी नचाता है वैसा ही बंदर नाचता है और डांट मदारी को ही पड़ता है भवानी काकू कहती है कि पता नहीं इस लड़की के पास में ऐसी कौन सी डुगडुगी है

जो सबको बंदर की तरह अपने इशारों पर नचाये जाती है और सब लोग नाच भी लेते हैं विराट कहता है ऐसी कौन सी बात हो गई है काकू जो आप इतना गुस्सा हो रही हैं काकू कहती हैं कि तुम मुझसे बात ना ही करो तो ही अच्छा होगा विराट तूने इस लड़की के साथ मिलकर अपने आई बाबा का कमरा सुहागरात के लिए सजाए तुझे शर्म नहीं आई ये सब करते हुए बाबा ने काकू अश्विनी और निनाद से कहती हैं कि तुम दोनों को इतना समझ में नहीं आता कि जब बाप का जूता बेटे के पैर में आने लगता है

तो मां-बाप को दूर दूर रहना चाहिए जिसे सुनकर सई कहती है आई आपको काकू की बात का बुरा मानने की जरूरत नहीं है और फिर सई काकू से कहती है काकू आई बाबा का कमरा मैंने सजाया था आपको जो कुछ भी बोलना है मुझे बोलिए ना और इसमें ऐसी कौन सी बड़ी बात हो गई जो आप इतना गुस्सा हो रही है काकू कहती है कि अब तुम मुझे बताएगी तभी नहीं ना पीछे से कहते हैं वहिनी बस कीजिए आप छोड़ दीजिए वो बच्ची है उसे नहीं पता कि वो क्या बोल रही है आप इस बात को यहीं खत्म करिए लेकिन भवानी काकू कहती हैं कि

वाह निनाद मुझे तुझसे सीखना होगा की बात कब शुरू करनी है और कब खत्म करनी है काकू की बात सुनकर निनाद एकदम चुप हो जाते हैं और उसके बाद भवानी काकू कहती हैं कि अगर मैं अपने तौर-तरीके में थोड़ा सा बदलाव लिया हूं तो यह घर टूट कर बिखर जाएगा इसलिए मुझे इस घर में किसी तरह का बदलाव नहीं चाहिए इसलिए मैंने आज एक फैसला लिया है आज इस घर में किसी के लिए कुछ भी नहीं बदले जाएंगे इस घर में सबको उम्र अदा बर्ताव और योगदान के अनुसार सब को छूट दी जाएगी

काकू कहती हैं कि सई का एक्सीडेंट हुआ था और वो बीमार हो गई थी और उसके बाद सई घर आई और अब ठीक भी हो चुकी है फिर भी सब लोग उसकी जी हुजूरी करने में क्यों लगे हुए हैं तभी पत्रलेखा पीछे से बोलती है वही तो मैं आपको समझाना चाहती हूं बड़ी मामी तभी भवानी काकू पत्रलेखा को उल्टा जवाब देते हुए कहती हैं कि एक बार में मुझे बात समझ में आती है बार-बार बताने की और समझाने की जरूरत नहीं है पत्रलेखा तभी अश्विनी मामी पत्रलेखा से कहती हैं कि

पत्रलेखा क्या सच में तू सबका ध्यान इस तरह रखना चाहती थी अगर ऐसी बात थी तो सबसे पहले तुम्हें मुझसे बात करनी चाहिए थी तभी पाखी कहती है मैं आपसे क्या बात करूंगी अश्विनी मामी आप थोड़ी ना इस घर की मुखिया है तभी अश्विनी मम्मी कहती है मैं कहां कह रही हूं कि मैं इस घर के मुखिया हूं लेकिन जो बात सुन रही हूं वो सिर्फ और सिर्फ सई के बारे में चल रही है और सही के बारे में मैंने फैसला लिया हुआ तभी का को पीछे से पलट कर जवाब देती है कि

और वो फैसला आज में बदलने जा रहे हो तभी करिश्मा धीरे से सोनाली के पास जाती है और कहती है आई इस पत्र लिखा भाभी की चाल तो उल्टी पड़ गई काकू नाम के इस तीन नेत्र शिकार के साथ-साथ शिकारी को भी घायल कर दिया तभी सोनाली कहती है कि अगर तुम इस तीर से घायल नहीं होना चाहती तो चुपचाप जाकर खड़ी हो जा वही अश्विनी काकू भवानी काकू से कहती है कि वहिनी मैंने आपसे इस बारे में बात की थी फिर आप ये फैसला क्यों बदल रही है तभी काकू कहती है कि

तुमने मुझसे बात नहीं की थी और ना ही मुझ से सलाह मांगी थी तुमने बस मुझे अपना फैसला सुनाया था और इस घर की मुखिया मैं हूं इसलिए इस घर के फैसले में लेती हूं तुम नहीं तभी सई कहती है कि काकू अगर आपको कुछ बोलना है तो मुझे बोलिए आप आई को ऐसा क्यों बोल रही हैं तभी भवानी काकु सई से कहती हैं कि तुझे पता भी नहीं है कि मैं कौन हूं और तू किससे बात कर रही है जब दो बड़े बात कर रहे होते तो छोटे को बीच में नहीं बोलना चाहिए

सई कहती है कि जब दो बड़े गलत बात कर रहे होते हैं तो छोटे को बीच में बोलना पड़ता है तभी काकू कहती हैं घर के छोटे जब गलत राह पर चले जाएं तो उन्हें सुधारना बड़ों का काम होता है इसलिए मैंने एक फैसला लिया है कि अब से सही अलग कमरे में नहीं रहेगी वह अपने पति के साथ अपने पति के कमरे में ही रहेगी तभी पत्रलेखा जैसे ही सुनती है उसके होश उड़ जाते हैं और फिर पत्र लेखन अपने मन में कहती है कि बड़ी मामी को यह सब करने की क्या जरूरत है

तभी अश्विनी कहती है बहिनि आप फिर से सई को निशाना बना रही है तभी भवानी का को कहती हैं कि मैं किसी को निशाना नहीं बना रही हूं जो सच है वही बात कर रही हूं पति पत्नी एक दूसरे के कमरे में एक साथ रहते हैं और सई को अपने पति के साथ एक कमरे में रहना पड़ेगा तभी मोहित कहता है जब सई भाभी और विराट दादा एक दूसरे के देखो अच्छे से सुधारना चाहते हैं अलग कमरे में रहकर तो किसी को क्या दिक्कत हो रही है तभी सोनाली चाची कहती है कि तू अभी इतना बड़ा नहीं हुआ है इसलिए चुप हो जा और बीच में मत बोल

तभी सई कहती है काकू आप भी तो एक अलग कमरे में अकेली रहती हैं और अगर मैं अकेले एक कमरे में रहना चाहती हूं तो क्या दिक्कत है आपको तभी ओमि काका कहते हैं ओ देवी जी जबान चलाने से पहले थोड़ा दिमाग चला लिया करो बिना सोचे समझे बोलती जा रही हो किसके बारे में बोल रही हो तुम्हें पता भी है तभी पाखी बीच में आकर बोलती है सई ने तो उससे भी बड़ी बात की है मामा जी इसने तो बड़ी मामी को विधवा होने का ताना मारा है

तभी सई कहती है कि मैंने ऐसा कुछ भी नहीं खाया पाखी दीदी लेकिन अगर किसी को मेरी बात से ऐसा लगा हो और दुख पहुंचा हो तो मैं आपसे हाथ जोड़कर माफी मांगती हूं काकू मेरा कहने का मतलब ये नहीं था मेरा कहने का मतलब ये था कि आप भी अलग रहती है तो मैं अलग क्यों नहीं रह सकती अश्विनी काकू के पास जाती हैं और कहते हैं वहिनी मैं आपके सामने हाथ जोड़कर विनती करती हूं कि आप मेरे बेटे बहू की जिंदगी को बर्बाद मत कीजिए इन दोनों की दोस्ती को बढ़ने दीजिए और इन दोनों के रिश्ते को सुधारने दीजिए

तभी काकू अश्विनी से कहती है कि मेरे पास इतना वक्त नहीं है कि मैं तुझे अपने फैसले की वजह बताओ मैंने जो कहा है वही होगा सई वापस विराट के साथ उसके कमरे में वापस जाएगी तभी पाखी कहती है बड़ी मामी आप सई को ये सारी बातें क्यों समझा रही हैं आपके इन सारी बातों का सही पर कोई असर नहीं होने वाले हैं इसे कुछ समझ नहीं आने वाला है यह जब से आई है तब से इस शादी को डील करती है इस शादी को समझौता कहती है इसलिए आप इसके पीछे अपना समय मत बर्बाद करिए

तभी सई कहती है पाखी दीदी आपको तो ऐसा लगता है कि हम दोनों अलग अलग कमरे में रहते हैं तो अजनबी के जैसे रहते जबकि ऐसा कुछ नहीं है हम लोग जब से अलग अलग कमरे में रहने लगे तब से एक दूसरे से और ज्यादा नजदीक आ गए हैं एक दूसरे के बेस्ट फ्रेंड बन गए हैं और हमारा रिश्ता और भी ज्यादा मजबूत हो गया है तभी विराट कहता है सही बिल्कुल सही कह रही है जब से हम दोनों दोस्त बने हैं एक दूसरे की कमियों को और भी ज्यादा समझने लगे हैं

तभी भवानी काकू अश्विनी से कहती हैं कि ये जो तुम ने दोनों के दिमाग में दोस्ती काफी फिदूर डाल ली हो ना इसे में निकाल कर साफ कर देना चाहती हूं और पति पत्नी का रिश्ता कायम करना चाहती हूं इसलिए अगर सई को इस घर में रहना है तो जैसे ही काकू इतना बोलती है कि विराट कहता है रहना है तो इसका क्या मतलब है काकू सई इसी घर में रहेगी और कहीं नहीं जाएगी जिसे सुनकर सभी लोग चौक जाते हैं

और आज के एपिसोड का दी एंड वहीं पर हो जाता है वही कल के एपिसोड में आप सभी देखेंगे कि दबाने का को अपना फैसला सुनाती हैं कि सई दिवाली तक विराट के कमरे में आ जाएगी और अगले दिवाली तक उन्हें इस घर का एक चिराग चाहिए जिसे सुनकर पाखी के पैरों तले जमीन खिसक जाते हैं तो यह सब होगा कल के आने वाले एपिसोड में

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