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Anupama 8th October 2021 Written Update

Anupama 8th October 2021 Written Update | Anupama 8th October 2021 Today full episode Written Update

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Anupama 8th October 2021 Written Update सीरियल अनुपमा के आज के एपिसोड में आप सभी देखेंगे की अनुपमा अनुज के साथ ऑफिस में बैठकर काम कर रही होती है और अनुज एक बार फिर से चेयर पर ही बैठ जाता है तभी अनुपमा अनुज से कहती है आप ठीक तो है ना अनुज कहता है हां ठीक हूं वह थोड़ा चक्कर आ गया तभी अनूपमा कहती है चक्कर कैसे आ गया अनुज कहता है वो रात में मैं सोया नहीं था ना इसलिए अनुज की बात सुनकर अनूपमा कहती है कि आप रात में सोए क्यों नहीं अनुज गड़बड़ा जाता है और कहता है वो क्या है ना कि रात में मुझे माइग्रेन की प्रॉब्लम है

तो इसलिए मुझे नींद नहीं आ रही थी तभी अनुपा कहती है यह माइग्रेन की प्रॉब्लम तो तीन-चार दिन तक रहती है ना आपने दवाई ली अनुज कहते नहीं अभी खाना नहीं खाया हूं तो खाना खा रहे हैं कि पहले दवाई कैसे ले सकता हूं अनुपमा अनुज करती है और कहती है आप क्या छोटे बच्चे हैं जो आपके पीछे कोई दवाई और खाना लेकर भागेगा आपने खाना क्यों नहीं खाया अभी तक अभी आप एकदम चेयर से उठेंगे नहीं यहीं पर बैठे रहिए

और इतना कहकर अनुपमा वहां से चली जाती है तभी अनुज कहता है ये अनुपमा कहां चली गई इसका बैग भी यहीं पर है तभी उधर से अनूपमा आती है और अनुज के लिए चॉकलेट मिल्क लेकर आती है और अनुत्य कहती है कि मैं 10 तक गिनूंगी की और 10 तक ये दूध खत्म हो जाना चाहिए और फिर अनुज अनुपमा से कुछ बोलने वाला होता है कि अनुपमा अपना काउंट डाउन शुरू कर देती है अनुपमा के डर से अनुज 8 गिनते हैं

सारा दूध खत्म कर देता है और उसके बाद अनुपमा कहती है कि वैसे कहने को तो बस आप हैं लेकिन मैंने आपको अभी थोड़ा डांट दिया उसके लिए सॉरी तभी अनुज एक बार फिर से शायरी कहता है अनूपमा कहती है आप सब कुछ बोल सकते हैं लेकिन अपनी शायरी नहीं भूल सकते थोड़ा अपने सेहत पर भी ध्यान दिया कीजिए शायर कपाड़िया ठीक है अब मैं चलती हूं और इतना कहकर अनूपमा वहां से चली जाती है

वही वनराज अपने कैफे में अकेले बैठा होता है तभी अनुपमा वहां पर आती है और वनराज से कहती है मैं यहां पर आप से लड़ाई करने नहीं आई हूं आपसे बात करने के लिए आई हूं और उसके बाद अनुपमा वनराज से कहती है कि पति पत्नी अलग हुए हैं लेकिन मां-बाप नहीं हम दोनों के अलग होने के बावजूद भी मुझे उस घर में रहना पड़ रहा है अपने बच्चों के लिए तो जरा तमीज से रहते हैं ना जिससे कि आपको भी आसानी होगी और मुझे भी और कल मैंने आपसे कहा था कि

आप को मुझ से डर लग रहा है आज मैं आपसे पूछती हूं कि आपको किस बात का डर लग रहा है आपकी इस बात से इतना डर रहे हैं जब मैं आपकी हूं ही नहीं तो फिर आप मुझे खोने से क्यों डर रहे हैं जब मैं आपकी पत्नी थी तब मुझे आपने अपनी पत्नी नहीं माना और जब मैं आपसे सारे रिश्ते नाते तोड़ चुकी हूं फिर भी आपको मुझे किसी और से बात करना बर्दाश्त क्यों नहीं हो रहा है आप मेरे पति होकर भी काव्या के साथ अफेयर कर सकते हैं

और मैं आपकी पत्नी ना हो होकर भी अनुज के साथ दोस्ती तक नहीं कर सकती क्यों ये कैसी जिद है आपकी कि मैं तुम्हें अपनी नहीं मानता पर फिर भी तुम मेरी हो मैं किसी और का हो गया हूं पर तुम किसी और का होना तो दूर किसी के साथ दोस्ती तक नहीं कर सकती हम बा बापूजी और बच्चों की खुशियों के लिए एक छत के नीचे रह रहे हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम एक दूसरे की जिंदगी में दखल दे मैंने आपसे आज तक कोई भी सवाल किया कभी भी कोई भी सवाल जवाब किया है

नहीं ना तो फिर आप क्यों करते हैं और किस हक से करते हैं मैं कहां जाती हूं किस से मिलती हूं किससे बात करती हूं क्या करती हूं मैं क्या नहीं करती हूं इससे आपको क्यों फर्क पड़ता है जब हम झगड़ा करते हैं ना तो हमारा घर परिवार दो हिस्सों में बैठ जाता है हम चाहे तो उसे रोक सकते हैं ताकि हमारे रिश्ते में आई खटास बाकी रिश्ते के स्वाद को खराब ना कर दे इतने में ही बन रहा उसका फोन रिंग होने लगता है और बनराज को पता चलता है कि अनुपमा नहीं बल्कि उसका साया उससे बात कर रहा था बनराज देखता है

अनुपमा उधर से आती है जैसे ही वनराज अनूपमा के पास जाने वाला होता है कि अनुपमा की फोन रिंग होती है और उसे अनुज का फोन आता है कि कल मीटिंग है और उसे मीटिंग के लिए जाना है आत्मा भी मीटिंग के लिए मान जाती है वहीं दूसरी ओर अनुज गुस्से से आटा गूंद रहा होता है तभी गोपीचंद वहां पर आते हैं और अनुज से कहते हैं क्या हुआ तू परेशान क्यों है तभी अनुज कहता है मुझे अनूपमा की याद आ रही है तभी गोपीचंद कहते हैं तो बात कर ले उससे अनुज कहता है वाह क्या आईडिया दिया है आपने मैं उसको फोन कर लूंगा

और क्या बोलूंगा कि मुझे किस बारे में बात करनी है तभी अनुज की बात सुनकर गोपीचंद कहते हैं कोई भी बहाना बना देना झूठ बोल देना तभी अनुज कहता है मैं अनुपमा से झूठ नहीं बोलूंगा तभी गोपीचंद कहते हैं ना तू अनुपमा से झूठ बोलेगा नहीं तो उसे अपने दिल की बात कहेगा तो तू करेगा क्या अनुज कहता है यही तो बात है काका कि मैं अनुपमा से अपने दिल की बात कह सकता हूं ना ही अपनी फीलिंग शेयर कर सकता हूं नहीं उसका भरोसा तोड़ सकता हूं

तभी अनुज की बात सुनकर गोपीचंद कहते हैं तू अनुपमा से कुछ नहीं मांग सकता है लेकिन कान्हा जी से तो मांग सकता है ना तो एक और कान्हा जी से अनूपमा को मांग कर तो देख वह तेरी प्रार्थना जरूर सुनेंगे क्योंकि वह प्रेम को बढ़ाने वाले हैं वहीं दूसरी ओर अनुपमा नंदिनी और किंजल रेस्टोरेंट में काम करने वाली औरतों की लिस्ट बना रही होती है तभी अनुपमा कहती है देख जरा जाकर अगर बा फ्री होंगी तो उनकी सहेली और महिला मंडल का नंबर ले लेना

हम जरा उनसे भी बात कर लेंगे कि उनमें से भी कोई काम करना चाहता है क्या तभी उधर से लीला आती है और अनुपमा से कहती है कोई जरूरत नहीं है मेरी सहेलियों से बात करने की तो अपना नाम तो कटा चुकी है अब उन लोगों की नाक मत काटा उन लोगों को पैसों की जरूरत नहीं है मैंने तो सोचा था कि बैकलेस वाले हैं बेशर्म होते हैं लेकिन तू तो उससे भी ज्यादा बेशरम निकले तभी नंदनी कहती है इसमें बेशर्म की क्या बात है बा लीला गुस्से में नंदिनी से कहती है

कि देख अभी तू मेरे घर की बहू नहीं बनी है इसलिए जब तक तू इस घर की बहू नहीं बन जाती मेरे घर के मामलों में टांग मत अड़ा ना तभी अनुपमा बात को बदलती है और लीला से कहती है बा वो बिमला आंटी कितना अच्छा खाना बनाती है ना तभी लीला कहती है कि विमला को पैसे की जरूरत नहीं है उसका बेटा बहुत कम आता है उसे जब एक किलोमीटर भी जाना होता है तो रिक्शे में बैठ कर जाती है और मैंने उसके पास में दो 2000 के नोट देखे हैं

तो उसे तेरे जैसे पैसे की भूख नहीं है और तेरे जैसा दोस्त भी तो नहीं है उसके पास तभी अनुपमा मिर्च का चौक लगाती है लीला कहती है अपने घर में तो मिर्च का छौंक लगा चुकी है दूसरे घर में तो शांति रहने दे वही काव्य और वनराज के बीच में बहस चलने लगती है डिश को लेकर धनराज काव्या से कहता है काव्या चुप रहो यहां पर सब लोग हैं तभी काव्या कहती है क्यों चुप रहूं इन लोगों को भी तो पता चलना चाहिए कि आजकल तुम्हारा ध्यान सब कुछ से ज्यादा अनुज और अनुपमा की लव स्टोरी पर है

बनराज घूर के काव्या को देखता है तभी काव्या बनराज कहती है ऐसी लुक्स देने के बजाय अगर तुम अपने आर्डर पर ध्यान दिए होते ना तो आज हमें यह दिन नहीं देखना पड़ता भी मुझे बिल्कुल भी इंटरेस्ट नहीं था इस कैफे में लेकिन तुम्हारी वजह से मैंने अपना टाइम और एनर्जी बेस्ट की याद क्योंकि तुम्हें कैफे में इंटरेस्ट था लेकिन आजकल तुम्हारा ध्यान तो अनुज को अनुपमा में कितना इंटरेस्ट है उस में लगा रहता है तभी वनराज कहता है

अब थोड़ा ज्यादा हो रहा है काव्या तभी काव्या कहती है तुम्हारे जल से ज्यादा हो रही है अभी अगर तुम्हें सारा दिन अनुज अनुपमा ही करते रहना है तो फिर उनके नाम की माला जपने लगे ना मैं तो कहती हूं कि अपने मैन्यू के डिशेस में भी उन्हीं का नाम रख लो स्ट्रांग एंड रिच कॉफी अनुज छाज अनुपमा और जली हुई चाय बनराज शाह तभी वनराज कहता है अब तुम्हारा बहुत ज्यादा हो रहा है

काव्या लीला कहती है जब किसी रिश्ते से घर में कलेश हो जाए उस रिश्ते को तोड़ देना ही अच्छा है और कभी भी एक लड़का और लड़की दोस्त नहीं होते इतना कहकर लीला वहां से चली जाती है तभी किंजल कहती है बा फुल मूवी का डायलॉग देकर गई है कि एक लड़का और एक लड़की कभी दोस्त नहीं बन सकते और पता नहीं क्या-क्या मम्मी आप इन सब बातों पर ध्यान नहीं देना तभी अनूपमा कुछ नहीं बोलती है

किंजल कहती मम्मी क्या हुआ आप चुप क्यों है अनुपमा कहती है पर बुरा तो लगता है ना जब कोई अपना ऐसे बोल देता है तो लेकिन अब क्या कर सकते हैं ना ही तो मैं इनका सोच बदल सकती हूं और ना यह लोग मेरे इरादा इसलिए तुम लिस्ट पर ध्यान दो और कुछ नहीं वही एक बार फिर से बन रहा है और काव्या के बीच में लड़ाई होने लगती है लीला देखती है काव्या बन रहा तू कहती है कहां तू पहले तुम्हें अनुपमा के पल्लू से मसाले की बदबू आती थी

और अब वही बदबू तुमसे छोड़ा नहीं जाता तभी बनराज कहता है इन अब मैंने तुम्हें अपने कैफे में हेल्प करने के लिए बुलाया था मेरे सर पर सवार होने के लिए नहीं और अगर तुम्हें कैफे के बहाने सिर्फ मुझसे लड़ाई झगड़े करने हैं तो कल से कैसे आने की जरूरत नहीं है काव्या और आज के बाद मेरे फैमिली के सामने मेरे ऊपर चिल्लाई ना तो एक बात याद रखना काव्या मेरी अभी सिर्फ पत्नी बदली है पति मैं अभी भी वही हूं और इतना कहकर वनराज वहां से चला जाता है

तभी लीला कहती है आजकल रोज-रोज अनुज और अनुपमा की वजह से मेरे घर में कलेश हो रहा है ठाकुर जी कुछ ऐसा कीजिए कि अनुज अनुपमा अनुज अनुपमा हमेशा के लिए बंद हो जाए वही किंजल अनुपमा को ईमेल आईडी बनाने को कहती है अनुपमा कहती है हां बना दे समर ने तो मुझसे पहले ही कहा था जब मैंने डांस एकेडमी ज्वाइन किया था तब बना लेती तो अब तक में सीख भी जाती नंदनी कहती है कोई बात नहीं आंटी हम हैं ना

हम आपको सब सिखा देंगे और उसके बाद नंदिनी अनुपमा की ईमेल आईडी बना देती है अनूपमा बहुत खुश होती है वही अनुज देखता है कि अनुपमा की पहले ईमेल आती है अनुज बहुत ज्यादा खुश होता है तभी उसे एक कॉल आता है और फिर अनुज कहता है मुझे अनूपमा को बताना होगा और फिर अनुज अनूपमा को फोन करके बताता है अगली सुबह अनुपमा अपना सामान लेकर जा रहे होते तभी वनराज कहते अनुपमा जी अब कहां जा रही है फिर से मीटिंग के लिए मुंबई जा रही हैं या फिर अबकी बार सीधा लंडन

तभी अनुपमा कहती है मै नहीं समर जा रहा है उसे अपने डांस फंक्शन के लिए दिल्ली जाना है बनराज समर को फोन करता है और उसे डांटता है कि उसने उसे क्यों नहीं बताया लेकिन समर कहता है मुझे जरूरी था इसलिए मैं जाना चाहता हूं तभी लीला कहती है तू चिंता मत कर तेरे बेटे को कुछ नहीं होगा क्योंकि तेरे बेटे को अनूज कपारिया जो भेज रहा है और इसी के साथ आज के एपिसोड का दी एंड हो जाता है वही कल के एपिसोड में आपसे भी देखेंगे कि

वनराज काव्या को फोन कर रहा होता है लेकिन काव्या वनराज के फोन का जवाब नहीं देती है तभी वनराज कहता है कहीं ऐसा तो नहीं कि काव्य मुझसे नाराज होकर अनुज से काम मांगने के लिए चली गई और वही काव्या अनुज के ऑफिस जाती है और उससे कहती आई एम सॉरी बिना अपॉइंटमेंट लिए मैं आपसे मिलने आ गई वह आपने जो मुझे जॉब ऑफर की थी ना मुझे उसी के बारे में बात करनी थी मुझे वो जवाब चाहिए

जिसे सुनकर अनुपमा और अनुज चौक जाते हैं और अनुज अनुपमा से कहते हैं मैं तुम्हें किसी भी वजह से कोई भी प्रॉब्लम में नहीं डालना चाहता इसलिए अगर तुम चाहोगे तभी मैं काव्या को जॉब ऑफर करूंगा तो ये सब देखेंगे कल के एपिसोड में

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