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Anupama 7th October 2021 Written Update

Anupama 7th October 2021 Written Update | Anupama 7th October 2021 Today full episode Written Update

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Anupama 7th October 2021 Written Update सीरियल अनुपमा के आज के एपिसोड में आप सभी देखेंगे की घर में लीला वनराज और काव्या बापूजी और बाकी घर वाले का इंतजार कर रहे होते तभी हंसराज घर पहुंचते हैं हंसराज के पहुंचते ही वनराज हंसराज से कहता है बापूजी आई एम सॉरी मैं जानता हूं कि आप बहुत नाराज है मुझसे लेकिन अनुज कपाड़िया ने मुझे इस हद तक ट्रिगर कर दिया कि मैं अपने आप को रोक नहीं पाया उसे लगता है

कि पैसों के दम पर व कुछ भी खरीद सकता है और मैं उसकी यही गलतफहमी दूर करना चाहता हूं कि वनराज से और उसका परिवार बिकाऊ नहीं है बापूजी उसकी वजह से हमारे घर में रोज झगड़े होते हैं और यह मुझे बर्दाश्त नहीं होता है और इसीलिए मैं उसको उसकी लिमिट दिखाना चाहता था

हंसराज बंसराज के सामने हाथ जोड़ते हैं तभी वनराज कहता है बापूजी मुझे प्लीज गिल्टीमत फील कराइए प्लीज वहीं दूसरी ओर देविका अनुज को ढूंढने जाती है तभी देखती है कि अनुज पूरी तरह से परेशान होता है और गोदाम में बैठकर हो रहा होता है तभी देवीका अनुज के पास जाती है तभी अनुज कहता है क्यों हर बार अनुपमा ही क्यों हर बार अनुपमा को ही बेज्जती क्यों सहन करनी पड़ती है

उस बनराज की हिम्मत कैसे हुई सबके सामने अनुपमा पर कीचड़ उछालने कि उसे मुझसे मुश्किल है ना मुझसे प्रॉब्लम है मुझसे लड़ाई करें मुझसे बात करें मैं देखता हूं ना अनुपमा को क्यों गासिट ता है बीच में हर बार अनुपमा क्यों यार अनुपमा कैसे जिए कि आज हर बार उसे बेइज्जती सहन करना पड़ता है

आज मैंने अनुपमा को रोते हुए देखा है ऐसे रोते हुए देखा है कि मेरा सामने मैं कुछ नहीं कर पा रहा था स्ट्रांग अनुपमा को मैंने टूटते हुए देखा बिखरते हुए भी देखा पर मैं तुम्हें बता नहीं सकता देविका कि मेरे दिल पर इस वक्त क्या गुजर रही है देविका अनुज को शांत कराती है और कहती है अनु के साथ गलत हो रही है क्योंकि वो गलत होने दे रही है

डिवोर्स के बाद भी उस घर में रहने का डिसीजन उसी का था हम दोस्त के नाते सिर्फ उसे सही या गलत बता सकते हैं ना कि गलती को सुधारने के लिए उसे फोर्स कर सकते हैं वो अपनी फैमिली को कभी नहीं छोड़ेगी और उसकी फैमिली उसे परेशान करना अनुपमा किधर अपने घर पहुंचती है वहीं पर वनराज अनुपमा को देख रहा होता है

इधर अनुज देविका से कहता है तुम्हें पता है मैंने उसे घर छोड़ने के लिए कहा मैंने अपने आप से वादा किया था कि मैं अनुपमा की पर्सनल लाइफ में कभी इंटरफेयर नहीं करूंगा लेकिन आज मैंने किया मैं बता नहीं सकता कि मुझे कैसा लग रहा है तभी देविका कहती है अब तुम इस बात के लिए भी खुद को क्यों कोस रहे हो हम दोस्त है

उसके और हम उसे सही रास्ता नहीं दिखाएंगे तो कौन दिखाएगा और वैसे भी तुमने उसे ऑर्डर नहीं दिया है बस सजेशन दिया है और मानना ना मानना उसके हाथ में है वही अनुपमा वनराज के सामने जाती है और कहती है आज मेरा लाइफ का सबसे स्पेशल दिन था तभी वनराज कहता है

और मैंने खराब किया तभी अनुपमा कहती है जब मैं छोटी थी तब हमारे गली में एक बच्चा रहता था जब भी आसमान में हवाई जहाज निकलता तो वो नीचे से गुलेल चलाकर कहता कि आज तो मैं इसे नीचे गिरा कर ही रहूंगा आपकी हरकतें देखकर मुझे वह बच्चा याद आ गया क्योंकि उसकी तरह आपजी बस गुले चला सकते हैं

पर उड़ान नहीं रोक सकते मेरी खुशियां बर्बाद करने की कोशिश कर सकते हैं सच में खुशियां बर्बाद नहीं कर सकते आपको क्या लगा आप मेरे काम की शुरुआत के पहले दिन आकर तमाशा करेंगे और मेरे बढ़ते कदम रोक लेंगे किताब के पहले पन्ने कोमिलाकर देने से उसके आगे की कहानी नहीं बदल जाती

तभी वनराज कहता है तुम्हारी बकवास पूरी हो गई या अभी और कुछ कहना है तभी अनुपमा कहती है एक जरूरी बात तो कहना मैं भूल ही गई सॉरी वेरी वेरी सॉरीबलराज कैसा है सॉरी कह रही हो यह अच्छी बात है लेकिन किस बात किस किस बात के लिए सॉरी कहोगी तभी अनुपमा एक पीढ़ी को नीचे गिर आती है और उस पर खड़ी होकर वनराज की बराबरी में खड़ी होकर उसे देखती है वहीं दूसरी ओर अनुज अपनी और अनुपमा की पेपर पर हाथ कुछ छाप को देख रहा होता है और फिर उसे पड़ता है लेकिन गोपीचंद आते हैं और उसे रोक लेते हैं

दूसरी ओरअनुपमा वनराज से कहती है सॉरी आपको डराने के लिए तभी वनराज कहता है मैं और तुम से डर लूंगा तभी अनुपमा कहती है नहीं मुझ से नहीं आप मेरी बराबरी से डर रहे हैं अनुपमा और बलराज साहब की बराबरी से डर रहे हैं आप वह क्या कहा था आपने कि जब आप मुझे पहली बार देखने आए थे तब आपको मुझ में पत्नी दिखाई दी थी

हमारे यहां जब एक बार पत्नी फेरों के वक्त पति के पीछे चलती है तो हमेशा पीछे ही चलती रहती है आगे आ ही नहीं पाती तभी बन राज कहता है यह सब बहाने हैं पत्नी चाहे तो आगे आ सकती है किसने रोका है बढ़ने से उसे तुम भी उसी घर में रहती थी जिस घर में मैं रहता था तुम चाहती तो आगे बढ़ सकती थी

निकल सकती थी आगे क्यों नहीं निकली औरत और मर्द के लिए रेस की स्टार्टिंग एक ही लाइन से होती है तभी अनुपमा करती है मर्द के हाथ में तो सिर्फ डिग्री होती है पर औरत के हाथ में चिमटा बेलन झाडू दवाई की पर्ची दूध का हिसाब गोद में तीन बच्चे कांधे पर सास ससुर और पति के तीन टाइम के खाने कपड़े और सफाई की जिम्मेदारियां पांव में परमपड़ा की बेड़ियां होती है

राख कहते हैं कि पत्नी आगे नहीं बढ़ सकते अरे मैं तो अभी पत्नी हूं भी नहीं आती फिर भी मेरा आगे बढ़ना आप से बर्दाश्त नहीं हो रहा है पर बर्दाश्त करने की आदत डाल लीजिए वनराज शाह

के आपके पीछे-पीछे चलने वाली अनुपमा भाग के आगे चलकर दिखाएगी पहले मैं आपके पीछे थी और मेरी आवाज नीचे थी पर अब ना तो मेरी आवाज नीचे होगी और ना ही अनुपमा पीछे रहेगी लगता है अब तो यही सोच रहे होंगे कि लगता है अनुज के संबंध का असर होने लगा है है ना आपको मेरा आगे बढ़ना उतना बुरा नहीं लगता जब मैं आपकी उंगली पकड़ के आगे बढ़ती तभी दिला कहती है तू पढ़ाई मर्द की उंगली पकड़ के आगे बढ़ रही है तभी अनुपमा कहती है बाय इतने दिनों से मैं एक पराए मर्द के साथ एक ही छत के नीचे रह रही हूं

तब तो आपको कोई एतराज नहीं हुआ तभी लीला कहती है कौन है यहां पर पराया मर्द अनुपमा कहती है वनराज शाह और उसके बाद अनुपमा वनराज से कहती आपको पूरा यही लग रहा है ना कि मैं आगे बढ़ने के लिए आप का सहारा नहीं ले रही हूं और तो और इतने सालों से मैंने हमेशा आपका साथ दिया तलाक के बाद भी आप का साथ दिया

लेकिन आज पहली बार मैं अपना साथ दे रही हूं तो आपको तो डर लगेगा ही बलराज कहता है किस बात का डर कभी अनुपमा कहती है पिंजरे लगाकर रखने वाले को सिर्फ उड़ान का डर लगता हैआप ही मेरी उड़ान से डर रहे हैं वनराज सा बॉर्डर सिर्फ आप रहे हैं

मैं नहीं वैसे अनुज अगर जरा बूढ़ा होता उसके बाद थोड़ा कम होता थोड़ा अजीब सा दिखने वाला होता है कि शायद आपको डर नहीं लगता क्या कि कि कहीं न कहीं आपको लगता है कि आप उससे बहुत ऊपर है आपको बराबरी की टक्कर से डर लगता है बंद रहता फिर चाहे अपना दे या अनुज आपके इस डर के लिए सॉरी मैं आपका यह डर कम तो नहीं कर सकती पर हां भगवान से प्रार्थना जरूर करूंगी कि वह आपके मन को जरा शांति दे और इतना कहकर अनुपमा पी रहे पर से नीचे उतरती है तभी वनराज कहता है

आ गई ना औकात पर तुम चाहे कितना ही ऊपर क्यों ना हो जाओ लेकिन मेरा कद हमेशा तुमसे पूछा ही रहेगा तभी अनुपमा कहती है पर गर्दन झुकी ही रहेगी और मेरा सर हमेशा ऊपर रहेगा लीला जोर से चिल्लाती तभी अनुपमा कहती है नहीं आज तक मैंने बर्दाश्त किया लेकिन अब नहींअनुज परेशान होता है कि अनुपमा का कोई फोन कोई मैसेज नहीं आया बस वह ठीक हो और तभी अनुज देखता है कि अनुपमा हॉल में बैठकर काम कर रही होती हैअनुज अनुपमा के पास जाता है तभी अनुपमा कहती है जय श्री कृष्णा अनुज कहता है

तुमने काम शुरू कर दिया तभी अनुपमा कहती है काम तो तब शुरू करूंगी जब कुछ समझ में आएगा अभी कुछ समझने की कोशिश ही कर रही थी आपको लगा था कि मैं नहीं आऊंगी है ना अनुज कहते हां मैंने कुछ ऐसा ही सोचा था तभी अनुपमा कहती है वैसे कल अगर आप मुझे हिम्मत नहीं देते तो शायद आज मैं नहीं आतीनंदनी अपने डांस एकेडमी में डांस कर रही होती है

तभी समर आता है और समर कैप पहने हुए रहता है जिसे देखकर नंदिनी डर जाती है तभी समर कहता है कि मैं हूं और कल के बाद रोहन मुझे दिखाई भी नहीं दे रहा है लगता है वो डर के चला गया तभी नंदनी कहती है आई होप कि वो चला गया हो लेकिन वो गिव अप करने वालों में से नहीं है

थोड़ा केयरफुल रहना पड़ेगा अनुपमा कहती है एक बात कहनी थी एक चिड़िया के लिए जितना जरूरी उसका आसमान होता है उतना ही जरूरी उसके लिए उस का घोंसला होता है उड़ती तो आसमान में है लेकिन रहने के लिए चिड़िया घोसले में ही जाती है और मेरा घर मेरा घोंसला है और मेरा परिवार मेरी ताकत मेरी दुनिया में आगे बढ़ना चाहती हूं

अगर बिना अपने परिवार के आगे बढ़ी ना तुम मैं तो आगे बढ़ जाऊंगी मेरा तन तो आगे बढ़ जाएगा लेकिन मेरा मन उन्हीं के साथ लगा रहेगा मैं आगेलूंगी जरूर लेकिन अपने परिवार को साथ लेकर मुझे अपने लिए नहीं अपने परिवार के लिए भी आगे बढ़ना है

अनुज कहता है अनुपमा आई एम रियली सॉरी कि मैंने तुम्हें तुम्हारे घर को छोड़ने के लिए कहा मेरा कोई हक नहीं बनता था अनुपमा के अकेले नहीं नहीं कोई बात नहीं उस वक्त अगर कोई भी होता तो यही कहता अनुज कहता है मैंने अभी तक जो भी कहा उसी सब भूल जाओ और जो तुम्हारा दिल कहे वही करो अनुज कहता है थैंक्यू मुझे अपना दोस्त मानने के लिए लेकिन कल आप बिल्कुल ठीक कह रहे थे मुझे देविका और आपके जैसा दोस्त मिले हैं काम शुरू करें और उसके बाद अनुज और अनुपमा काम शुरू करते हैं अनुपमा को देख रहा होता है

और आज के एपिसोड का दी एंड वहीं पर होता है कल के एपिसोड में आप सभी देखेंगे कि काव्या और बनराज में लड़ाई हो रही होती है जहां काव्या वनराज से कहती है कि आजकल तुम्हारा ध्यान ना अनुज और अनुपमा पर ही लगा रहता है एक काम करो कि तुम डिशेज का नाम भी अनुज और अनुपमा ही रख लो और जली हुई चाय बनराज वही लीला एक बार फिर से अनुपमा से कहती है कि जिस रिश्ते से सारे रिश्ते टूट जाए ना उस रिश्ते को तोड़ देना ही अच्छा है एक औरत और मर्द कभी दोस्त नहीं बन सकते

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